कल से सावन, शिवालयों में जलाभिषेक करने गर्भगृह तक नहीं जा सकेंगे श्रद्धालु

रायपुर: इस बार 25 जुलाई यानी रविवार को सावन माह शुरू हो रहा है और 22 अगस्त रविवार को ही सावन माह का समापन होगा। इस बार भी लगातार दूसरे साल कोरोना महामारी के चलते शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए भक्तगण गर्भगृह तक नहीं जा सकेंगे। कोरोना नियमों का पालन करते हुए शारीरिक दूरी रखकर दर्शन करेंगे। मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह में शिवलिंग तक पाइप के जरिए जल अर्पित करने की व्यवस्था की जा रही है।
चारों सोमवार को श्रृंगार
महादेवघाट के ऐतिहासिक हटकेश्वरनाथ मंदिर, बूढ़ातालाब के बूढ़ेश्वर मंदिर और मठपारा के नील कंठेश्वर मंदिर समेत अनेक शिव मंदिरों में साफ-सफाई, रंगरोगन करके दर्शन, पूजन की विशेष व्यवस्था की जा रही है। प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग का अलग-अलग रूपों में आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा।
महादेवघाट मंदिर के पं.सुरेश गिरी गोस्वामी ने बताया कि हर साल मुख्य द्वार के समक्ष लंबी लाइन लगती है। मंदिर में भीड़ ज्यादा न हो, इसलिए मंदिर के पीछे से प्रवेश दिया जाएगा। पीछे काफी खुली जगह है। भक्तगण दूर-दूर खड़े होकर मंदिर में प्रवेश करेंगे। द्वार पर ही सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग करके प्रवेश दिया जाएगा।
कांवर यात्रा नहीं
हर साल हजारों की संख्या में कांवरिये जलाभिषेक करने उमड़ते हैं। इस साल कांवर यात्रा को अनुमति नहीं मिली है, इसलिए परिसर में कांवरियों के लिए व्यवस्था नहीं की जा रही है।
थैली में पूजन सामग्री नहीं
बेलपत्र, फूल, नारियल, धतूरा एवं अन्य पूजन सामग्री को थैलियों में रखकर लाने पर प्रतिबंध है। यदि कोई श्रद्धालु थैली में पूजन सामग्री लेकर आएगा तो उसे द्वार पर ही जमा कर लिया जाएगा। भीतर ले जाने नहीं दिया जाएगा।
चार सोमवार
रविवार से शुरू होकर रविवार को खत्म हो रहे सावन में इस बार चार सावन सोमवार पड़ेंगे। इस बीच दो बार श्रवण नक्षत्र पड़ेगा।
पहला सोमवार – 26 जुलाई – धनिष्ठा नक्षत्र में शक्कर, दूध से करें अभिषेक
दूसरा सोमवार – 2 अगस्त – कृतिका नक्षत्र में अनार के रस से अभिषेक
तीसरा सोमवार – 9 अगस्त – आश्लेषा नक्षत्र में दूध से अभिषेक कर चंदन का लेप करें
चौथा सोमवार – 16 अगस्त – अनुराधा नक्षत्र में पीपल के पत्ते से दूध, शहद का अभिषेक करें





