Ranchi CID Court Action: व्हाट्सएप से लीक की थी आंसर-की! 1000 पन्नों की केस डायरी पेश, श्वेता गुप्ता की बेल याचिका खारिज

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में हुई गंभीर अनियमितताओं और पेपर लीक मामले में जेल में बंद तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को मंगलवार को अदालत से बहुत बड़ा झटका लगा है।
रांची स्थित सीआईडी (CID) की विशेष अदालत ने श्वेता गुप्ता की जमानत याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सुनवाई के दौरान सीआईडी और बचाव पक्ष दोनों ओर से प्रस्तुत की गई विस्तृत दलीलों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत पर रिहा करने से साफ इनकार कर दिया।
📱 व्हाट्सएप से उत्तर कुंजी लीक करने का गंभीर आरोप: सीआईडी ने पेश की 1000 पन्नों की केस डायरी
अदालत में सुनवाई के दौरान सीआईडी के विशेष वकील ने श्वेता गुप्ता के खिलाफ बेहद गंभीर साक्ष्य प्रस्तुत किए।
सीआईडी ने अदालत को अवगत कराया कि तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता ने अपने निजी मोबाइल फोन से व्हाट्सएप के जरिए परीक्षा की गोपनीय उत्तर कुंजी (Answer Key) को लीक किया था। सीआईडी ने अपनी जांच के दौरान जुटाए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर लगभग 1000 पन्नों की विस्तृत केस डायरी भी कोर्ट के समक्ष पेश की, जिसमें आरोपियों की संगठित भूमिका का पूरा ब्यौरा दर्ज है।
🛡️ बचाव पक्ष का दावा: बेकसूर हैं श्वेता गुप्ता, फर्जी तरीके से बनाया गया आरोपी
दूसरी ओर, श्वेता गुप्ता के अधिवक्ता ने सीआईडी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा।
बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि इस पूरे प्रकरण में श्वेता गुप्ता की कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका नहीं है और उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद सीआईडी अदालत ने पूर्व में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे मंगलवार को सुनाते हुए याचिका खारिज करने का आदेश जारी किया गया।
🚔 अगस्त में सीआईडी ने की थी गिरफ्तारी: मामले में अब तक 24 से अधिक आरोपी गिरफ्तार
उल्लेखनीय है कि सीआईडी की टीम ने जेपीएससी धांधली मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए श्वेता गुप्ता को अगस्त महीने में गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद से ही वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितता और पेपर लीक को लेकर सीआईडी ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज कर बड़े पैमाने पर जांच शुरू की थी। इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए सीआईडी अब तक 24 से अधिक मुख्य और सह-आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
📁 CGL फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी के परिजनों की याचिका पर फैसला सुरक्षित: कोर्ट जल्द सुनाएगा निर्णय
इसके अतिरिक्त, झारखंड सीजीएल (CGL) फर्जीवाड़ा और पेपर लीक के मास्टरमाइंड/किंगपिन अभय तिवारी से जुड़े मामले में भी अदालत में सुनवाई हुई।
किंगपिन अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी की जमानत याचिकाओं पर सीआईडी अदालत में सुनवाई पूरी हो चुकी है। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा।
