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पांच वर्षीय कोविड पीड़ित बच्ची की डाक्टरों ने बचाई जान

जगदलपुर। आड़ावाल निवासी गुप्ता परिवार की पांच वर्षीय बच्ची को कोविड पाजिटिव पाए जाने पर धरमपुरा स्थित कोविड सेंटर में भर्ती किया गया था। बच्ची की हाइरिस्क कंडीशन देखकर वहां तैनात डाक्टरों ने मेडिकल कालेज जगदलपुर (मेकाज) में पदस्थ शिशु रोग विभाग के प्राध्यापक डा अनुरूप साहू से टेली परामर्श ली। इस प्रकार चिकित्सकों ने अथक परिश्रम कर बच्ची को मौत के मुंह से बाहर निकालने में कामयाबी हासिल की।

आड़ावाल निवासी गुप्ता परिवार के नौ लोग कोरोना पाजिटिव पाए गए थे। इनमें चार बच्चे व चार वयस्क थे। संक्रमित परिवार के सदस्यों में पांच वर्षीय बुलबुल की हालत काफी गंभीर थी, चूंकि वर्ष 2017 को उसका लीवर ट्रांसप्लांट हुआ था। विशेषज्ञों के अनुसार लीवर व हार्ट संबंधी मामलों में रिस्क काफी बढ़ जाता है। अंदरूनी रक्तस्राव व फेफड़ों में संक्रमण् का खतरा रहता है। इस बच्ची को विशेष निगरानी में रखकर मेकाज में शिशु रोग विशेषज्ञ डा अनुरूप साहू के टेली परामर्श के जरिए उपचार शुरू किया गया। डा साहू के चिकित्सकीय परामर्श का पूरी तरह पालन करते हुए लगातार चले ट्रीटमेंट के बाद आखिरकार बच्ची स्वस्थ हो गई। अब वह कोरोना को हराकर पूरी तरह सामान्य है। बच्ची के उपचार में कोविड केयर सेंटर धरमपुरा के सभी चिकित्सकगण, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्टाफ का योगदान रहा।

ज्ञात हो कि डा अनुरूप साहू के द्वारा कोविड काल में ओडिशा, मध्यप्रदेश समेत संभाग के विभिन्ना इलाकों में अब तक 800 से अधिक आइसोलेट मरीजों को निशुल्क टेलीपरामर्श दिया जा चुका है। बच्ची के स्वजनों ने मेडिकल टीम का आभार माना है।भर्ती किया गया था। बच्ची का हाईरिस्क कंडीशन देखकर वहां तैनात डाक्टर्स ने मेकाज शिशु रोग विभाग के प्राध्यापक डा अनुरूप साहू से टेली परामर्श ली। इस प्रकार चिकित्सकों ने अथक परीश्रम कर बच्ची को मौत के मुंह से बाहर निकालने में कामयाबी हासिल की।

गंभीर हालत थी बच्ची की

आड़ावाल निवासी गुप्ता परिवार के नौ लोग कोरोना पाजीटिव पाए गए थे। इनमें चार बच्चे व चार वयस्क संक्रमित परिवार के सदस्यों में पांच वर्षीय बुलबुल की हालत काफी गंभीर थी। चूंकि वर्ष 2017 को उसका लीवर ट्रांसप्लांट हुआ था। विशेषज्ञों के अनुसार लीवर व हार्ट संबंधी मामलों में रिस्क काफी बढ़ जाता है। अंदरूनी रक्तस्त्राव व फेफड़ो में संक्रमण् का खतरा रहता है। इस बच्ची को विशेष निगरानी में रखकर मेकाज में शिशु रोग विशेषज्ञ प्रो डा अनुरूप साहू के टेली परामर्श के जरिए उपचार शुरू किया गया।

ट्रीटमेंट के बाद स्वस्थ हो गई बच्ची

डा साहू के चिकित्सकीय परामर्श का पूरी तरह पालन करते लगातार चले ट्रीटमेंट के बाद आखिरकार बच्ची स्वस्थ हो गई। अब वह कोरोना को हराकर पूरी तरह सामान्य है। बच्ची के उपचार में कोविड केयर सेंटर धरमपुरा के सभी चिकित्सकगण, स्टाफ नर्स समेत अन्य स्टाफ का योगदान रहा। ज्ञात हो कि डॉ अनुरूप साहू के द्वारा कोविड काल में ओडिसा, मध्यप्रदेश समेत संभाग के विभिन्ना इलाकों में अब तक 800 से अधिक आइसोलेट मरीजों को निशुल्क टेलीपरामर्श दिया जा चुका है। बच्ची के स्वजनों ने मेडिकल टीम का आभार माना है।

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