देश के पर्यटन नक्शे में लाएंगे छत्तीसगढ़ का नाम: अटल

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने कहा कि पर्यटन के मामले में छत्तीसगढ़ को भारत के नक्शे में शामिल करना है। चंद्रखुरी में माता कौशिल्या माता मंदिर को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने 20 करोड़ स्र्पये का काम चल रहा है। राम वन पथ गमन पर भी छत्तीसगढ़ शासन का काम चल रहा है, जिस तरह से पूर्व मंत्री बीआर यादव ने बिलासपुर का विकास किया। उसी तरह अब हम सब मिलकर बिलासपुर सहित प्रदेश का विकास करेंगे
लखीराम आडिटोरियम हाल में नागरिक अभिनंदन एवं सम्मान समारोह में पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघ्ोल के मार्गदर्शन में हम काम करेंगे और छत्तीसगढ़ की माटी का कर्ज जरूर पूरा करेंगे। जिम्मेदारी काफी बड़ी है, जिसे करने के लिए समय कम है। कम समय पर हम ये काम पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि बिलासपुर क्षेत्र के खूंटाघाट और मदकूदीप का गुरुवार को निरीक्षण कर वहां पर्यटन की संभावना को तलाश्ोंगें। प्रकृति ने हमें उपहार के रूप में हमें 44 प्रतिशत वन दिया है।
मैं संगठन के कई पदों पर रहा हूं। लेकिन शासन स्तर पर पहली दफा किसी पद की जिम्मेदारी मिली है। उसे जरूर पूरा करूंगा। कार्यक्रम में महापौर रामशरण यादव ने कहा कि आज का सम्मान समारोह किसी व्यक्ति के लिए नहीं है। बिलासपुर के बारे में सोचने और विकास करने के लिए काम करने वालों के लिए यह आयोजन है। 80 के दशक में पूर्व मंत्री बीआर यादव की जिस तरह टीम थी, वैसे ही अभी भी बनी है। उस समय बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश का विकास हुआ था। ऐसे में अटल श्रीवास्तव और सभी सदस्य मिलकर काम करेंगे। बिलासपुर ही नहीं पूरे प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में एक पहचान मिलेगी।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, जिला सहाकारी बैंक के अध्यक्ष प्रमोद नायक, युवा आयोग के सदस्य रविंद्र सिंह, अंबालिका साहू, राजेंद्र धीवर, उत्तम वासुदेव के मनोनयन पश्चात प्रथम नागरिक अभिनंदन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया किया गया।
बिलासपुर का भी रखें ख्याल: धर्मजीत
लोरमी क्षेत्र के विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि अब तक विकास के नाम पर प्रदेश में सिर्फ रायपुर को तवज्जो मिला है। पर्यटन के मामले में गंगरेल और रायपुर जिले के आसपास ही अधिक ध्यान दिया जाता रहा है। अटल श्रीवास्तव अब बिलासपुर जिले के आसपास अमरकंटक, राघवेंद्रगढ़ और अन्य जलाशयों की ओर भी ध्यान दंे और उन्हें पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करें।






