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खेलरत्न पुरस्कार का नाम बदलने पर शिवसेना का मोदी सरकार पर हमला, कहा- यह तो राजनीतिक खेल है

मोदी सरकार ने हाल ही में राजीव गांधी खेल रत्‍न पुरस्‍कार का नाम बदल कर ध्‍यान चंद्र खेल रत्‍न अवार्ड कर दिया है। इस ऐलान के बाद अब नाम बदलने के मुद्दे पर शिवसेना ने मुखपत्र के सामना के जरिए मोदी सरकार पर जमकर हमला किया। सामना में लिखा गया है कि राजीव गांधी के योगदान का अपमान किए बिना भी मेजर ध्यानचंद को सम्मानित किया जा सकता था।

सामना में पुरस्कार के नाम बदलने का एक ही मकसद कहा गया है और वो है द्वेष की राजनीति। सामना में लिखा गया है कि मेजर ध्यानचंद को सम्मान देने के लिए एक इससे भी बड़ा पुरस्कार शुरू किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं कर एक 1992 से चले आ रहे पुरस्कार का नाम बदल कर राजनीतिक खेल खेला गया है। “शिवसेना ने कहा कि देश की प्रगति में अहम योगदान देने वाले दो पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का बलिदान उपहास का विषय नहीं बन सकता। ”मोदी सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नामकरण मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के रूप में किया है।  इसका अर्थ पहले की सरकारें ध्यानचंद को भूल गई थीं, ऐसा नहीं है। वर्ष 1956 में ध्यानचंद को तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित किया गया था। 3 दिसंबर, 1979 को इस महान खिलाड़ी की दिल्ली में मौत हो गई। ध्यानचंद का जन्मदिन ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

सामना में लिखा है कि “अब भाजपा के राजनैतिक खिलाड़ी ऐसा कह रहे हैं कि ‘राजीव गांधी ने कभी हाथ में हॉकी का डंडा पकड़ा था क्या?’ उनका यह सवाल वाजिब है परंतु अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी के नाम पर किया तो क्या मोदी ने क्रिकेट में ऐसा कोई कारनामा किया था? अथवा अरुण जेटली के नाम पर दिल्ली के स्टेडियम का नामकरण किया. वहां भी वही मानक लगाया जा सकता है।  ऐसे सवाल लोग पूछ रहे हैं।

खेल रत्न अवार्ड अब जाना जाएगा मेजर ध्यानचंद के नाम से
आपको बतां दे कि पीएम मोदी ने ट्वीट किया था कि देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है। पीएम मोदी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि उन्होंने कहा कि मुझे पूरे भारत के नागरिकों से खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने के लिए कई अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं। उनकी भावना का सम्मान करते हुए, खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा। बता दें कि पहले यह राजीव गांधी के नाम पर था।

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