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चेंबर ने लिया आईआईटी छात्रों के स्टार्टअप का दायित्व

रायपुर: आईआईटी, आईआईटी में पढ़ाई करते हुए अपना स्टार्टअप शुरू करने वाले विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स गोद लेगा। चेंबर का कहना है कि इसके लिए इन संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों के प्रोजेक्ट को देखा जाएगा और मीटिंग कर परखा जाएगा कि ये प्रोजेक्ट किस स्तर के है और कितने लाभकारी होंगे। इस आधार पर छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स उस प्रोजेक्ट के लिए विद्यार्थी को सारी चीजें उपलब्ध कराएगा।

यह बातें नईदुनिया से विशेष बातचीत के दौरान छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अमर पारवानी ने कही। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स इन दिनों स्किल डेवलपमेंट पर भी विशेष कार्य कर रहा है। चेंबर अध्यक्ष पारवानी ने बताया कि प्रदेश में व्यापार-उद्योग को और बढ़ावा देने के लिए इन दिनों चेंबर इकाई के रूप में उद्योग चेंबर अलग से बनाया गया है।

उद्योग चेंबर का काम केवल उद्योगों के विकास पर ही फोकस करना है। इसी प्रकार लघु व कुटीर उद्योगों के लिए अलग से इकाई बनाई जा रही है। इसके लिए भी अलग एक इकाई की बनाई जा रही है, जिसका काम इस ओर ध्यान देना है। पारवानी ने कहा कि हमारा प्रदेश प्राकृतिक संपदाओं से तो परिपूर्ण ही है।

साथ ही यहां विभिन्न शहरों के लिए हवाई कनेक्टिविटी,सड़के काफी अच्छी है। इसकी वजह से व्यापार व उद्योग भी बड़ी तेजी से बढ़ते जा रही है। बड़ी-बड़ी कंपनियां यहां आ रही है। यहां स्टील, सीमेंट के साथ ही ऑटोमोबाइल, होटल, रियल एस्टेट सभी सेक्टरों में बड़ी तेजी से विकास होते जा रहा है। इसका अंदाजा भी इससे लगाया जा सकता है कि कोरोना काल में भी जीएसटी जमा करने में तेजी आई है।

होलसेल बाजार जाएगा शहर के बाहर

चेंबर अध्यक्ष पारवानी ने बताया कि चेंबर की मांग के अनुसार राज्य शासन से प्रदेश के विभिन्न शहरों में होलसेल बाजारों को शहर के बाहर ले जाने की अनुमति दी है। रायपुर और बिलासपुर की तर्ज पर अब विभिन्न शहरों के होलसेल बाजार शहर से बाहर जाएंगे। इससे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के साथ ही पड़ोसी राज्यों से कारोबार भी काफी अच्छा होगा।

विदेशी ऑनलाइन कंपनियों के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई, लेकिन खुदरा व्यापारियों को ऑनलाइन से जोड़ा जाएगा

पारवानी छत्तीसगढ़ चेंबर के अध्यक्ष होने के साथ ही कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी है। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से उनके संगठन की लड़ाई विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ चल रही है। यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी,लेकिन इसके साथ ही वे स्थानीय खुदरा व्यापारियों को भी आनलाइन व्यापार में पूरी तरह से तैयार कर देंगे।

इसके लिए भारत ई मार्केट पोर्टल लाया गया है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण पोर्टल है और एक क्लिक पर ही यह स्थानीय भारतीय स्टोरों को आपके करीब लाता है। भारत ई-कामर्स पोर्टल खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं, वितरकों और छोटे व्यवसायों को लाभ देगा।

उन्होंने बताया कि विक्रेताओं से किसी भी प्रकार का कमीशन नहीं लिया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से आप किसी भी दुकानदार को किसी भी समय डिलीवरी कर सकते हैं। वर्तमान में इसमें तीन लाख से ज्यादा उत्पाद शामिल है। अभी पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे वाराणसी, बैंगलुरू, प्रयागराज, कानपुर और लखनऊ में शुरू किया गया है।

त्योहारों में बाजार में नहीं दिखेंगे चीनी उत्पाद

पारवानी ने बताया कि चेंबर व कैट द्वारा इन दिनों व्यापारिक संगठनों के साथ मिलकर चीनी उत्पादों के विरोध में अभियान भी चलाया जा रहा है। व्यापारियों को समझाया जा रहा है कि वे चीनी वस्तुओं की बिक्री न करें। साथ ही उपभोक्ताओं से भी कहा जा रहा है कि वे किसी भी प्रकार से चीनी वस्तुओं की खरीदारी न करें।

इसके साथ ही इस ओर ध्यान दिया जा रहा है कि जो उत्पाद स्थानीय स्तर पर बनाए जा सकते हैं, उन्हें स्थानीय ही बनाया जाए। इसमें प्रमुख रूप से खिलौने, दिये, सजावटी सामान, रंग-बिरंगी झालर सहित अन्य बहुत से उत्पादों का निर्माण स्थानीय ही हो सकती है। उन्होंने बताया कि पिछले साल त्योहारों को चीनी कारोबार को जबरदस्त झटका लगा था। इस साल भी चीनी कारोबार को झटका देना है।

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