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अब ऑफिस में महिला कर्मचारी को लव, हनी, स्वीटी बोला तो खैर नहीं! जज ने सुनाया कड़ा फैसला

मेनचेस्टर– अब दफ्तरों में महिला कर्मचारियों को दूसरे नामों से बुलाना महंगा पड़ा सकता है। यानि कि अगर कोई पुरूष कर्मचारी किसी महिला महिला कर्मचारी को दफ्तर में हनी, लव, स्वीटी आदि बोलता है तो वह दोषी माना जाएगा, इतना ही नहीं उसे अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है

महिला कर्मचारियों को अन्य नामों से पुकारना उनका अपमान करना है
बता दें कि इस मामले को लेकर एक शख्स ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।  जहां कोर्ट ने भी ऑफिस के फैसले को सही मानते हुए लोगों को वार्निंग दी कि ऑफिस में महिला कर्मचारियों को ऐसे नामों से पुकारना उनका अपमान करना है।

स्वीटी और बेब्स जैसे शब्द महिला को अपमानित करते हैं
कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ऑफिस में महिला कर्मचारी को लव बोलना उनका अपमान करना है। जज ने कहा कि स्वीटी और बेब्स जैसे शब्द महिला को अपमानित करते हैं। महिलाओं के लिए इन शब्दों का इस्तेमाल गलत है, ये सुनवाई एक फ्यूनरल होम के मैनेजर माइक हार्टले को इन शब्दों के इस्तेमाल के कारण नौकरी से निकाले जाने के केस में हुई। माइक पर आरोप था कि वो अपने साथ काम करने वाली महिलाओं को इन शब्दों से बुलाता था जो उनकी इंसल्ट थी।

महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी मेट और पाल जैसे शब्दों से बुलाता था
नौकरी से निकाले जाने के बाद माइक ने मेनचेस्टर कोर्ट में इसे लेकर केस दायर किया था। माइक का कहना था कि वो सिर्फ महिलाओं को ही नहीं, बल्कि पुरुष कर्मचारियों को भी मेट और पाल जैसे शब्दों से बुलाता था,उसका कोई बुरा या खराब इंटेंशन नहीं था, ऐसे में जॉब से निकाला जाना गलत था और कोर्ट को कंपनी को उसे वापस रखने का आर्डर जारी करना चाहिए।

मर्द और औरत के लिए इस्तेमाल शब्दों में तुलना नहीं की जा सकती
माइक की दलील सुनने के बाद मेंसचेस्टर कोर्ट के जज ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि मर्द और औरत के लिए इस्तेमाल शब्दों में तुलना नहीं की जा सकती, किसी को मेट या लैड बोलना इंसल्ट नहीं है। ये निकनेम अपमानित करने वाले नहीं हैं।लेकिन वहीं महिला को चिक, बेब्स, हनी या स्वीटी स्वीटी बोलना उनका अपमान करना है, इस वजह से कंपनी का फैसला बिलकुल सही है और उसे कोर्ट नहीं हटाएगा।

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