ब्रेकिंग
NEET Paper Leak Case: सीबीआई का बड़ा खुलासा, मास्टरमाइंड शुभम खैरनार के पास 27 अप्रैल को ही पहुंच गय... Delhi Auto-Taxi Strike: दिल्ली में 21 से 23 मई तक ऑटो-टैक्सी की महाहड़ताल; जानें क्यों बंद रहेंगे कम... Moradabad Sonu Murder Case: मुरादाबाद के चर्चित सोनू हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, मंगेतर समेत ... पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े तो झारखंड के सरकारी टीचर ने अपनाई अनोखी राह, बाइक छोड़ घोड़े से पहुंचे जनगण... बिजनौर धर्मांतरण मामला: रोजगार के बहाने श्रीनगर ले जाकर नाबालिग को पढ़वाया कलमा; पूर्व सांसद के साथ ... Twisha Sharma Case: 'I Am Trapped' मौत से ठीक पहले ट्विशा का आखिरी मैसेज; कजिन और मौसी ने किए रोंगटे... West Bengal Politics: ममता बनर्जी अपने बूथ पर भी हारीं, उनका सियासी करियर खत्म; मुख्यमंत्री शुभेंदु ... Bird Flu in Maharashtra: महाराष्ट्र के नंदुरबार में बर्ड फ्लू का पहला संदिग्ध ह्यूमन केस; कर्मचारियो... Katni-Maihar Highway Accident: मैहर जा रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्राली को ट्रक ने 3 बार मारी टक्क... Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में सामने आए 2 संदेहास्पद CCTV फुटेज, शव नीचे लाते दिखे प...
देश

Insurance कंपनियों को सरकार देगी 2,500 करोड़ करोड़ रुपए! बजट में सीतारमण कर सकती है ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी आम बजट में सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के लिए दूसरे दौर की पूंजी डालने की घोषणा कर सकती हैं। ऐसी कंपनियों की वित्तीय सेहत सुधारने के लिए सरकार यह कदम उठा सकती है। सरकार ने पिछले महीने 2019-20 के लिए पहली अनुदान के लिए अनुपूरक मांग में तीन बीमा कंपनियों…..नेशनल इंश्योरेंस, ओरियंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस में 2,500 करोड़ रुपये डालने की घोषणा की थी।

सूत्रों ने कहा कि इन कंपनियों को तय ‘सॉल्वेंसी मार्जिन’ के लिए 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त जरूरत पड़ेगी। सूत्रों ने बताया कि इस बारे में घोषणा वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में की जा सकती है। बजट एक फरवरी को पेश किया जाना है। पूंजी डालने के बाद न केवल इन कंपनियों की वित्तीय सेहत सुधरेगी, बल्कि उनके विलय का रास्ता भी खुल सकेगा।

तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 में घोषणा की थी कि तीनों कंपनियों का एक इकाई के रूप में विलय किया जाएगा। हालांकि, इन कंपनियों का विलय कई कारणों मसलन उनकी खराब वित्तीय सेहत की वजह से नहीं किया जा सका था। सूत्रों ने बताया कि विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली संयुक्त इकाई को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध किया जाएगा। शुरुआती अनुमानों के अनुसार विलय के बाद बनने वाली संयुक्त इकाई देश की सबसे बड़ी साधारण बीमा कंपनी होगी, जिसका मूल्य 1.2 से 1.5 लाख करोड़ रुपये होगा। 31 मार्च, 2017 तक तीनों कंपनियों के कुल बीमा उत्पाद 200 से अधिक थे। इनका कुल प्रीमियम 41,461 करोड़ रुपये और बाजार हिस्सेदारी 35 प्रतिशत थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button