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भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर किए जाने पर सांसद वरुण गांधी ने दी ये प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति (एनइसी) से बाहर किए जाने पर सांसद वरुण गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले पांच वर्षों से एक भी एनइसी में भाग नहीं लिया है। इसलिए उनका मानना है कि उन्हें इसमें शामिल नहीं किया गया। भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को 80 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की सूची की घोषणा की। कई केंद्रीय मंत्री समेत लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे दिग्गज नेता सूची में हैं। इसमें वरुण के अलावा उनकी मां मेनका गांधी को भी जगह नहीं मिली है। राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी को भी इसमें शामिल नहीं किया गया है।

लगभग सवा साल पहले व्यापक फेरबदल कर अपनी नई केंद्रीय टीम बनाने वाले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुरुवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन कर दिया।संयोग कुछ ऐसा रहा कि टीम की घोषणा से कुछ पहले ही वरुण गांधी ने लखीमपुर खीरी घटना को लेकर एक वीडियो ट्वीट किया और परोक्ष रूप से संदेश दिया कि कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों के मन में सरकार का अहंकार बैठ जाएगा। हालांकि पार्टी सूत्रों के अनुसार वरुण व मेनका को बाहर किए जाने के पीछे कारण सामंजस्य बनाना है। इसमें अधिक से अधिक राज्यों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाता है।

एनइसी से बाहर किए जाने को लेकर समाचार एजेंसी एएनआइ के सवाल पर वरुण गांधी ने कहा,  ‘मैंने पिछल पांच सालों से एक भी एनइसी में भाग नहीं लिया है। मुझे नहीं लगता कि मैं इसमें शामिल था। बता दें कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद पार्टी में सबसे शक्तिशाली पैनल में से एक है, जो भाजपा और सरकार के लिए भविष्य की कार्रवाई को आकार देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेती है। चुनाव के मुहाने पर खड़े उत्तर प्रदेश से कार्यकारिणी में 12 सदस्य, छह विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं। इसमें जातीय समीकरण का भी ध्यान रखा गया है। सूत्रों का मानना है कि कुछ लोगों को हटाए जाने के पीछे उनका प्रदर्शन भी है।

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