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कैट ने स्वास्थ्य मंत्रालय के आनलाइन खरीदारी करने के विज्ञापन का किया विरोध

रायपुर। कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने स्वास्थ्य मंत्रालय के विज्ञापन पर कड़ी आपत्ति जताई है। इस विज्ञापन में स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से कहा है कि कोरोना से बचने आनलाइन खरीदी करें। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव ने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र भी भेजा गया है।

इस पत्र में इस विज्ञापन पर कड़ी नाराजगी जताई गई है और इस विज्ञापन को तुरंत ही वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि उक्त विज्ञापन अभियान सीधे तौर पर देश के आठ करोड़ से अधिक छोटे व्यवसायों पर आघात करने वाला है और उनके खिलाफ है जबकि छोटे व्यापारी राष्ट्र की आवश्यकता के समय पर महत्वपूर्ण सेवाएं देने से कभी पीछे नहीं हटते हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय का यह विज्ञापन अभियान सीधे तौर पर भारत के संविधान में निहित मौलिक अधिकार का उल्लंघन है, जो किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकता है। जबकि मंत्रालय का यह अभियान आनलाइन एवं आफलाइन व्यापारियों में भेदभाव करता है।

विदेशी ई-कामर्स कंपनियों का विरोध

कैट द्वारा बीते कई सालों से विदेशी ई कामर्स कंपनियों का विरोध किया जा रहा है। कैट का कहना है कि देश के आनलाइन व्यापार में ये विदेशी कंपनियां कब्जा जमाए हुए है और नियमों का उल्लंघन कर रही है। इन कंपनियों पर कार्रवाई करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। सरकार को चाहिए कि ई-कामर्स के नए नियमों को जल्द से जल्द लागू किया जाए। बताते चलें कि इसके लिए कैट पिछले कई महीनों से मुहिम भी चला रहा है।

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