राज्य में पेसा कानून के नियमों को दो दिन में अंतिम रूप देगा विभाग

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियम (पेसा कानून) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियम बनाने का काम अंतिम चरण में है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव इसके लिए विभागीय अफसरों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं। सोमवार को भी उन्होंने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अफसरों की बैठक ली, जो करीब पांच घंटें चली। बैठक के दौरान सिंहदेव ने अफसरों को दो दिन में नियमों को अंतिम रूप देकर संबंधित विभागों को भेजने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री सिंहदेव ने कहा कि राज्य सरकार पेसा को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। जनजातीय समाज के हितों की रक्षा और वनांचलों के विकास में उनकी सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने में पेसा कानून अहम भूमिका निभाएगा। इससे न केवल उनकी संस्कृति, परंपरा, रीति- रिवाजों व पारंपरिक ज्ञान को सुरक्षित रखा जा सकेगा बल्कि उनके कल्याण के लिए जल, जंगल जमीन को भी सहेजा जा सकेगा।
बता दें कि आदिवासियों से जुड़े इस मुद्दे को लेकर हाल ही में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सवाल हुआ था तो उन्होंने सिंहदेव का नाम लिए बिना कहा था कि अभी तक नियम ही नहीं बन पाया है। सूत्रों के अनुसार बघेल के इस बयान के बाद से सिंहदेव लगातार बैठक लेकर नियमों को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैंं
एक लाख से अधिक ग्रामीणों के घर पहुंचा नल कनेक्शन
जल जीवन मिशन के तहत राज्य के एक लाख से अधिक ग्रामीणों के घरों में पेयजल कनेक्शन पहुंचा दिया गया है। साथ ही अब तक छह लाख 50 हजार ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराई गई है। इस विशेष उपलब्धि पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बधाई दी है।






