गोलबाजार की गलियों-सड़कों को विदेशी बाजारों की तर्ज पर ढंका जाएगा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी के ऐतिहासिक गोलबाजार में एक लाख 53 हजार वर्गफीट जमीन और दुकानों के मूल्यांकन का काम शुरू हो गया है। इससे यहां काबिज दुकानदारों को दुकानों का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। कलेक्टर ने इसके लिए अधिकारियों की कमेटी भी गठित कर दी है। दिवाली के बाद ही दुकानदारों को दुकानों का मालिकाना हक मिलने की उम्मीद की जा रही है।
रायपुर नगर निगम मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार गोलबाजार की दुकानों का मालिकाना हक काबिज दुकानदारों को देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। कलेक्टर सौरभ कुमार ने प्रशासनिक अधिकारियों की कमेटी गठित की है। यह कमेटी गोलबाजार की जमीन व दुकानों का मूल्यांकन करके सर्वे रिपोर्ट सौंपेगी।
सर्वे रिपोर्ट से साफ होगा कि जमीन व दुकानदारों की वास्तविक स्थिति क्या है। अब तक नगर निगम के राजस्व विभाग और नगर निवेश विभाग के अनुसार 826 दुकानदार और 570 दुकानें सूचीबद्ध की गई थीं। इन दुकानदारों को दुकानों का मालिकाना हक देने से मिलने वाले राजस्व में निगम के साथ ही जिला प्रशासन का भी हिस्सा होगा। यही कारण है कि कलेक्टर ने सर्वे व मूल्यांकन के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
सर्वे टीम में यह
गोलबाजार की जमीन के मूल्यांकन के लिए निगम से उपायुक्त राजस्व के साथ जिला प्रशासन से डिप्टी रजिस्ट्रार और तहसीलदार को शामिल किया गया है, जबकि सर्वे के लिए जिला प्रशासन का राजस्व अमला और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के साथ टीम है। सभी अधिकारी निगम आयुक्त के निर्देश पर आने वाले दिनों में पूरी रिपोर्ट बनाकर पेश करेंगे।
जमीन, दुकान का मूल्यांकन
गोलबाजार की जमीन और उस पर बनी दुकानों का अधिकारियों की टीम मूल्यांकन कर रही है। इसके आधार पर ही रकम तय की जाएगी। गोलबाजार प्रोजेक्ट को ध्यान में रखकर कलेक्टर ने दो पटवारियों व दो सहायक अधीक्षकों (भू अभिलेख) को नगर निगम में संलग्न कर दिया है। ये अपने मूल काम के साथ ही निगम का काम भी देख रहे हैं।
ड्राइंग डिजाइन तैयार
निगम व जिला प्रशासन ने गोलबाजार के अंतिम सर्वे का काम करने के साथ ही इसका ड्राइंग डिजाइन भी तैयार कर लिया है। हालांकि इसे नवंबर तक अंतिम रूप दिया जाएगा। निगम के अधिकारियों ने बताया कि गोलबाजार में बड़े वाहन नहीं जा सकेंगे। केवल दोपहिया वाहन को छूट दी गई है।
इसे नो व्हीकल जोन बनाने का सुझाव दिया गया, लेकिन व्यापारियों का कहना था कि दोपहिया से लोग खरीदारी करने आते है, अगर यह बंद हुआ तो ग्राहकी प्रभावित होगी। गोलबाजार कैसा बनेगा, इसका प्रेजेंटेशन व्यापारियों को दिखाया गया। तीन एकड़ में फैले गोलबाजार की गलियों और सड़कों को विदेशी बाजारों की तर्ज पर आकर्षक तरीके से ढंका जाएगा। बाजार में कारोबारियों व आम नागरिकों के लिए तीन आधुनिक शौचालय का भी प्रस्ताव आर्किटेक्ट ने दिया है।






