ब्रेकिंग
UP Police Constable Exam 2026: यूपी पुलिस कांस्टेबल लिखित परीक्षा का शेड्यूल जारी, 3 दिनों तक चलेगा ... Uttarakhand Madarsa Board: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म! अब 'अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण' तय करेगा... Bikram Majithia News: जेल से बाहर आते ही गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब पहुंचे मजीठिया, नतमस्तक होकर पर... Batala Murder Case: बटाला कत्ल मामले में पुलिस की बड़ी कामयाबी, हत्या की साजिश रचने वाला 'कपल' गिरफ्... Punjab Highway Accident: पंजाब में हाईवे पर स्कॉर्पियो का भीषण हादसा, 3 पुलिसकर्मियों समेत 6 लोग गंभ... Punjab Board Exam Update: कब शुरू होंगी PSEB 12वीं की परीक्षाएं? डेटशीट को लेकर आई बड़ी जानकारी, छात... Horrific Attack: घर से निकलते ही 13 साल के बच्चे पर खूंखार कुत्ते का हमला, लहूलुहान हुआ मासूम; चीखें... Punjab Governor Visit: पंजाब के 3 अहम जिलों के दौरे पर रहेंगे गवर्नर, प्रशासन ने कसी कमर; सुरक्षा के... Jalandhar Raid: जालंधर में शराब माफिया के ठिकाने पर बड़ी रेड, भारी पुलिस फोर्स ने घंटों खंगाला घर; इ... Crime Strike: बड़े शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस ने 6 आरोपियों को दबोचा; लाखों का माल बरामद
मनोरंजन

अरब मीड‍िया ने कहा, अफगानिस्तान में वर्तमान मानवीय संकट के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार

काबुल। अफगानिस्तान में चल रहे मानवीय संकट के लिए तालिबान को पैदा करने वाला, उसकी फंडिंग करने वाला और उसका संरक्षक पाकिस्तान जिम्मेदार है। यह बात एक अरबी मीडिया आउटलेट ने कही है। अल अरबिया पोस्ट में प्रकाशित एक समाचार के अनुसार, अफगान लोगों को सहायता देने का लाभ उठाने के लिए पाकिस्तान एक उपकरण के रूप में उसको मान्यता दि‍लाने का कार्ड खेल रहा है। अफगान‍िस्‍तान पर कब्‍जा करने वाला तालिबान अफगान लोगों की देखभाल करने में असमर्थ रहा है।

अफगान‍िस्‍तान में मानवीय मोर्चे पर चीजें बद से बदतर

अल अरबिया पोस्ट ने बताया, संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी थी कि वर्तमान समय में और अगले साल मार्च के बीच अफगानिस्तान की लगभग आधी आबादी को भूख संकट का सामना करना पड़ेगा। इसने आगे कहा कि मानवीय मोर्चे पर चीजें बद से बदतर होती जा रही हैं। अफगानिस्तान पर मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) की नवीनतम रिपोर्ट में ‘सशर्त मानवतावाद’ या राजनीतिक उद्देश्यों के लिए मानवीय सहायता का ‘लाभ उठाने’ के प्रयासों के बारे में चिंता दर्शाई है। इसके अलावा महिलाओं, बच्चों और विकलांगों समेत लोगों के लिए संरक्षण और सुरक्षा के जोखिम भी रिकार्ड स्‍तर पर पहुंच रहा  हैं।

95 प्रतिशत से अधिक अफगानों के पास खाने के लिए पर्याप्त भोजन नहीं

तालिबान द्वारा वर्षों से की जा रही हिंसा को अफगानी लोगों ने स्वीकार किया है और छोटे-छोटे स्‍तर पर प्रतिरोध किया जा रहा हैं। यह बदलाव के पि‍छले बीस वर्षों का एक स्वाभाविक परिणाम है, जिसे अफगानिस्तान ने 2001 से देखा है। इस बीच आइएफएफआरएएस (IFFRAS) के आंकड़ों से पता चलता है कि 95 प्रतिशत से अधिक अफगानों के पास खाने के लिए पर्याप्त भोजन नहीं है। शुरू से ही ताल‍िबान का पालन पोषण, संगठित करने और समर्थन करने वाले पाकिस्तान के लिए अफगान लोगों के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है

भारत ने सड़क के रास्‍ते 50 हजार टन गेहूं भेजने का प्रस्ताव रखा

अल अरबिया पोस्ट के अनुसार, यदि पाकिस्तान अफगान लोगों की मदद करने के लिए गंभीर है तो उसे भारत से अपने क्षेत्र में मानवीय सहायता के पारित होने की अनुमति देनी चाहिए। भारत ने सड़क के रास्‍ते से 50 हजार टन गेहूं भेजने का प्रस्ताव रखा है। अल अरबिया पोस्ट ने बताया, यह 2001 के बाद से अफगानिस्तान में देखे गए बीस वर्षों के बदलाव का एक स्वाभाविक परिणाम है

Related Articles

Back to top button