ब्रेकिंग
दरभंगा में PM मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाला गिरफ्तार, कांग्रेस से है जुड़ा देश के लिए सिर कटा देंगे, लेकिन सत्ता के लिए समझौता नहीं करेंगे- केजरीवाल ने साधा बीजेपी पर निशाना PM मोदी पर टिप्पणी कांग्रेस-RJD की निंदनीय हरकत, राहुल गांधी माफी मांगे- भजनलाल शर्मा जम्मू में कुदरत का त्राहिमाम: बारिश से मची तबाही में 45 की मौत, उजड़े सैकड़ों आशियाने… स्कूल-कॉलेज ब... रांची: स्कूल जा रही मां-बेटी को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदा, मौके पर ही दोनों की मौत दामाद को पिलाया मिर्च का पानी, कान में डाली तेल से भिगोई रूई, फिर आंखों में झोंका चिली पाउडर… जादू ट... घर में था दोष, दूर करने के लिए दादा ने की पोते की हत्या, शव के टुकड़े कर फेंके… पुलिस की पूछताछ में ... प्रयागराज होकर चलेगी देश की पहली स्लीपर वंदे भारत, राजधानी एक्सप्रेस से इतना महंगा होगा किराया, ये ह... दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन में तकनीकी खराबी, ब्लू लाइन पर भी असर… दिखी भारी भीड़, DMRC ने दिया ये अप... मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप्स तक… पीएम मोदी ने बताया भारत के लिए जापान कितना...
देश

राजनाथ सिंह बोले- अगर किसी देश ने भारत की तरफ आंख उठाकर देखा तो मुंहतोड़ जवाब मिलेगा

जम्मू। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारतीय सेना देश की हर एक इंच जमीन की रक्षा करने में सक्षम है। अगर किसी देश ने भारत की ओर आंख उठाकर भी देखा तो उसे मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।

रक्षामंत्री ने वीरवार को पूर्वी लद्दाख के चुशुल में चीन के सामने वीरवार को रेजांग ला बैटल डे पर चुशुल में नए रेजांग ला वार मेमोरियल का उद्घघाटन किया। रेजांग ला के वीरों को श्रद्धांजलि देने के बाद रक्षामंत्री ने कहा कि भारत ने कभी किसी देश की जमीन पर कब्जा करने की नीयत कभी नही रखी। किसी देश ने ऐसा दुस्साहस किया तो हमारी ओर से उसे कड़ा जवाब दिया गया। रक्षामंत्री के साथ इस मौके पर चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत व सेना की उत्तरी कमान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

रक्षामंत्री ने रेजांग ला के वीरों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि 1962 की लड़ाई में वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों को समर्पित नया युद्ध स्मारक सेना के दृढ़ संकल्प और अदम्य साहस की मिसाल है। यह केवल इतिहास के पन्नो में ही अमर नहीं है, बल्कि हमारे दिलों में भी धड़कता है।

रक्षामंत्री ने कहा कि रेजांगला का ऐतिहासिक युद्ध 18,000 फीट की ऊँचाई पर जिन विषम परिस्थितियों में लड़ा गया उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। मेज़र शैतान सिंह व उनके साथी सैनिक ‘आखिरी गोली और आखिरी साँस’ तक लड़े। उन्हाेंने बहादुरी और बलिदान का नया अध्याय लिखा। रेजांग ला पहुंचकर मैने उन 114 बहादुर सैनिकों की स्मृतियों को नमन किया जिन्होंने लद्दाख़ की दुर्गम पहाड़ियों 1962 की लड़ाई में सर्वोच्च बलिदान दिया था। रक्षामंत्री ने कहा कि रेज़ांग ला का युद्ध, विश्व की दस सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण सैन्य संघर्षों में से एक है।

Related Articles

Back to top button