सरगुजा से रोजाना 70 लाख का टमाटर जा रहा उत्तर प्रदेश व बिहार

अंबिकापुर। सरगुजा संभाग से रोजाना करीब 70 लाख रुपये का टमाटर उत्तर प्रदेश और बिहार जा रहा है। उत्तर प्रदेश के बनारस और प्रयागराज की मंडियों में यह हाथों-हाथ बिक रहा है। दोनों राज्यों के सब्जी व्यापारी यहां आकर किसानों के खेत से ही 28 से 30 रुपये प्रतिकिलो की दर से टमाटर ले जा रहे हैं, जो वहां की मंडियों में 50 रुपये किलो बिक रहा है। अंबिकापुर में भी टमाटर की कीमत अभी कम नहीं हुई है। यहां भी 40 से 50 रुपये किलो टमाटर बिक रहा है। इस तरह टमाटर की खेती करने वाले किसानों को इस बार अच्छी कमाई का मौका मिला है।
सरगुजा जिला टमाटर उत्पादन के लिए पहचान बन गया है। यहां के किसान बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती कर रहे हैं और उसका इस सीजन में बेहतर लाभ भी मिला है। हर दिन यहां से उत्तर प्रदेश, बिहार टमाटर जा रहा है। दो साल नुकसान के बाद इस बार किसानों को टमाटर की खेती से बेहतर उत्पादन के साथ आर्थिक आय अर्जित करने का अवसर दिया है। सरगुजा जिले के लुंड्रा क्षेत्र में तो एक-एक किसान पांच लाख से 50 लाख तक की कमाई कर चुका है। इसकी खेती करने वाले किसानों और सब्जी व्यापारियों के मुताबिक प्रतिदिन 70 लाख से अधिक का टमाटर यहां से अन्य प्रांतों में जा रहा है। यहां की सबसे बड़ी सब्जी मंडी से वाहनों में अलग-अलग प्रांतों के लिए सप्लाई हो रही है वहीं बाहर के व्यवसायी सीधे खेतों से हाथों-हाथ टमाटर खरीदकर ले जा रहे हैं।
कोरोना संक्रमण के दौरान लाकडाउन होने से हुए नुकसान की इस सीजन में भरपाई हो गई है। वर्तमान में यहां के बाजार में टमाटर 30 से 40 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। किसान थोक में 28 से 30 रुपये प्रति किलो में व्यापारियों को बेच रहे हैं। जिले के लुंड्रा विकासखंड के उदारी गांव में अकेले सौ एकड़ से अधिक रकबे में किसानों ने टमाटर की खेती की है। इस एक गांव से ही हर दिन 50 से अधिक वाहनों में टमाटर निकलता है। इसकी खेती ने यहां के किसानों को इन दिनों लाल के मालामाल कर दिया है। बड़े किसान ही नहीं छोटे किसान भी बढ़िया लाभ कमा रहे हैं। पांच डिसमिल से लेकर 10 एकड़ तक रकबे में टमाटर लगा है।
किसान इस बार माला-माल-
टमाटर की खेती करने वाले उदारी गांव के बड़े किसान यूनुस अंसारी व धौरपुर के किसान कृष्णा तिवारी बताते हैं, इस बार मौसम ने अच्छा साथ दिया है। सितंबर,अक्टूबर व नवंबर माह में तेज बारिश न होने के कारण टमाटर का अच्छा उत्पादन हुआ है। जिन राज्यों में इस समय टमाटर की फसल तैयार नहीं है, वहीं के व्यापारी यहां आकर सीधे हमारे खेतों से टमाटर ले जा रहे हैं। लगभग दो माह से सरगुजा का टमाटर दूसरे प्रांतों में जा रहा है। यहां से दिल्ली तक टमाटर पहुंचा है किंतु अभी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने के कारण रेट में कमी आ रही है। हमें तो बेहतर लाभ मिला ही है। छोटे किसान भी मालामाल हुए हैं। इस बार हर किसान टमाटर से अच्छी आमदनी किया है।
शहर में टमाटर की खपत कम-
सब्जी व्यवसायी काशी केसरी व संतोष साहू के मुताबिक 70 लाख से अधिक का टमाटर सरगुजा जिले से दूसरे प्रांतों में जा रहा है। व्यापारियों को भी ट्रांसपोटिर्ग खर्च के बाद बढ़िया आमदनी हो रही है। अंबिकापुर शहर में हर दिन छह से सात लाख के टमाटर की खपत है। शेष टमाटर बाहर भेजना ही पड़ता है। पर अब बाहर से मांग कम होने लगी हैं। एक माह पूर्व जहां सरगुजा से डेढ़ करोड़ का टमाटर जाता था वहीं अब 70 लाख हो गया है क्योंकि उत्तर प्रदेश और बिहार में भी उत्पादन शुरू हो चुका है।
गिरेगा दाम,अब खरीददार होंगे खुश-
सब्जी व्यवसायियो के मुताबिक अब दूसरे राज्यों से मांग धीरे-धीरे कम होगी। अेसे में अंबिकापुर के बाजार में दाम गिरेगा॥ व्यवसायियों के मुताबिक 10 दिन के भीतर टमाटर की कीमतों में भारी कमी आ सकती है। अेसे में अब किसानों, व्यापारियों के बाद खरीदारों के चेहरे खेलेंगे।





