ब्रेकिंग
Shiva Sharma Death Case: लखनऊ के कैफे संचालक शिवा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में बड़ा खुलासा, मॉडल श्रद... Bulandshahr ADM Judicial Death: बुलंदशहर के एडीएम न्यायिक भारत राम यादव का निधन, हार्ट अटैक और ब्रेन... IND-W vs ZIM-W 3rd T20: भारत ने जिम्बाब्वे को 92 रनों से रौंदा, सीरीज पर 3-0 से कब्जा— हरमनप्रीत कौर... Salman Khan Security Increased: टाइगर श्रॉफ पर हमले के खुलासे के बाद सलमान खान की सुरक्षा सख्त, गैले... Saudi Arabia Death Penalty: सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को दी गई फांसी, मक्का की मस्जिद में... SBI Data Leak Alert: भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों का पर्सनल डेटा डार्क वेब पर लीक, मोबाइल नंबर और ए... Smart Gadgets for Daily Habits: बुरी आदतें छुड़ाने और लाइफस्टाइल सुधारने में मदद करेंगे ये 5 अनोखे ग... Karwa Chauth Vrat Rules: करवा चौथ पर चांद देखने के बाद कैसे खोलें व्रत? जानें चंद्रमा को अर्घ्य देने... Diabetes Diet Tips: डायबिटीज में ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए अपनाएं ये हेल्दी डाइट, एक्सपर्ट्स ने ... Cockroach Janata Party News: जेल में बंद CJP नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई की मांग, अभिजी...
विदेश

धोती पहन श्रीलंका के मंदिर में पूजा करने पहुंचे चीनी राजदूत, एक्सपर्ट बोले- जिनपिंग की नई चाल भारत के लिए खतरा

कोलंबोः  चीन के राजदूत क्यूई जेनहोंग श्रीलंका के दो दिवसीय सद्भावना दौरे पर गए हैं। लेकिन इस दौरे दौरान चीनी राजदूत का एक रूप ऐसा रूप सामने आया जिसने चीन की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल  चीन में धर्म को मानने का मतलब वामपंथियों के सीधे निशाने पर आना होता है  लेकिन श्रीलंका दौरे पर आए चीन के राजदूत क्यूई जेनहोंग हिंदू बन गए और सफेद धोती पहनकर मंदिर में पूजा करने पहुंच गए।

चीनी राजदूत ने न सिर्फ धोती पहना बल्कि मंदिर में बकायदा हिंदू रीति-रिवाज के साथ पूजा भी की । चीनी राजदूत के इस घटनाक्रम पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके पीछे शी जिनपिंग की बहुत बड़ी चाल है। उनका कहना है कि जाफना प्रांत में स्थानीय तमिलों से रिश्ते को लेकर जहां भारत निश्चिंत है वहीं चीन काफी तेजी से काम कर रहा है। चीन की ये चाल भारत-श्रीलंका संबंधों के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है।

चीन को लुभा रहा  श्रीलंका का तमिल बहुल इलाका
चीनी दूतावास ने अपने राजदूत के हिंदू मंदिर में पूजा अर्चना की ये तस्वीर जैसे ही ट्वीट की दुनिया सकते में आ गई  कि  अब शी जिनपिंग कौन सी नई चाल चल रहे हैं?  कुछ दिन पहले पहले ही चीन की तरफ से ट्वीटर पर कहा गया कि, चीन की सोलर कंपनी को मालदीव में एक नया ग्राहक मिला है, उसके बाद इस बात की संभावना है कि, चीन के राजदूत सुरक्षा चिंताओं को तलाशने के लिए श्रीलंका के उस तमिल बहुल क्षेत्र का दौरा किया है, जो शुरू से ही अशांत रहा है और जहां एक वक्त भारी लड़ाई लड़ी गई है।  श्रीलंका के उत्तर में स्थिति जाफना प्रांत तमिल बहुल इलाका है, जो अभी चीन को लुभा रहा है, क्योंकि चीन इस द्वीप पर सोलर पॉवर प्लांट खोलना चाहता है, जो परंपरागत रूप से भारत के पक्ष में रहा है।

चीनी राजदूत ने  मंदिर के लिए दान भी दिया
श्रीलंका में चीनी राजदूत ने जाफना प्रांत का दौरा उस ‘जातीय युद्ध’ की समाप्ति के 12 सालों के बाद किया है, जिनकी अभी भी श्रीलंका की मुख्य सिंहली आबादी के साथ ‘खराब’ रिश्ता है, वहीं दूसरी तरफ श्रीलंका और चीन भी जहरीले जैविक उर्वरक की आपूर्ति के बाद खराब संबंधों से गुजर रहे हैं। मछुआरों को दिए मछली पकड़ने वाले मशीन मछुआरों को दिए मछली पकड़ने वाले मशीन चीनी दूतावास ने सोशल मीडिया ट्वीटर पर कहा कि, राजदूत झेनहोंग ने धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान करते हुए मंदिर का दौरा किया था। उन्होंने मंदिर के लिए दान भी दिया है। इसके साथ ही चीनी राजदूत ने सजाफना पब्लिक लाइब्रेरी को किताबें दान कीं हैं और उत्तरी प्रांत के गवर्नर जीवन त्यागराज से मुलाकात कर आपसी सहयोग को बढ़ाने और तमिल समुदाय की आय बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की है।

भारत को लेकर चीनी राजदूत ने दिया ये बयान
चीनी अधिकारियों ने जाफना और मन्नार में मछुआरों को फिशिंग टैकल और फेस मास्क भेंट किए हैं।  जाफना में स्थानीय सिविल सोसाइटी के लोगों ने चीनी राजदूत से श्रीलंका में भारत और चीन की प्रतिद्वंदिता को लेकर सवाल पूछा, जिसपर जवाब देते हुए  राजदूत क्यूई ने कहा कि, भारत और श्रीलंका के मुकाबले भारत और चीन की भौगोलिक दूरी काफी करीब है और भारत और चीन सीमा को साझा करते हैं। वहीं, चीनी राजदूत ने भारत के साथ चीन की प्रतिद्वंदिता को खारिज कर दिया और कहा कि, दोनों देश अपनी समस्याओं को सुलझाने में लगातार लगे हुए हैं। उन्होंने यहां तक ​​कहा कि जाफना से तीन द्वीपों पर सौर फार्म को रद्द करने के लिए श्रीलंका पर “तीसरे पक्ष” के दबाव की बात “फर्जी खबर” थी।

राजदूत क्यूई जेनहोंग का दौरा भारत के लिए चेतावनी
हालांकि, ये पहली बार नहीं है, जब किसी चीनी डिप्लोमेट ने जाफना प्रांत का दौरा किया हो, लेकिन हां, ये पहली बार ही है, जब चीनी डिप्लोमेट जाफना में रात भर रूका हो और स्थानीय लोगों के साथ कूटनीतिक रिश्ता बनाने की कोशिश की हो।  श्रीलंका का जाफना प्रांत देश के उत्तरी हिस्से में स्थिति है और तमिल बहुल इलाका होने की वजह से ये पूरा क्षेत्र भारत के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है और इसी कारण इस दौरे को भारत के लिए चेतावनी भी माना जा रहा है। लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम यानी लिट्टे ने श्रीलंका से अलग देश की मांग को लेकर यहां कई सालों तक हिंसक आंदोलन चलाया था, जिसे शांत करने के लिए भारत की तत्कालीन राजीव गांधी सरकार ने इंडियन आर्मी को जाफना भेजा था और उसी का बदला लेने के लिए लिट्टे ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या तक करवा दी थी।

 श्रीलंका में चीन के राजदूत क्यूई जेनहोंग ने शुक्रवार को भारी सुरक्षा के बीच एडम्स ब्रिज का दौरा किया। चीनी राजदूत देश के तमिल-बहुल उत्तरी प्रांत के दो दिवसीय सद्भावना दौरे पर थे। श्रीलंकाई नौसेना और थल सेना के सदस्यों की सुरक्षा के बीच राजदूत को एडम्स ब्रिज तक ले जाया गया। एडम्स ब्रिज या राम सेतु उत्तर-पश्चिमी श्रीलंका और भारत में दक्षिणी तट से दूर रामेश्वरम के पास मन्नार के द्वीपों के बीच स्थित है। चट्टानों की श्रृंखला से निर्मित यह पुल 48 किलोमीटर लंबा है और मन्नार की खाड़ी को पाक जलडमरूमध्य से अलग करता है। राजदूत ने एडम्स ब्रिज के उस स्थान दौरा किया, जो श्रीलंका के तट से लगभग 17 मील की दूरी पर स्थित है। हाल के दिनों में किसी चीनी राजदूत द्वारा उत्तरी जाफना प्रायद्वीप की यह पहली यात्रा थी।

Related Articles

Back to top button