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…वरना हम मूक दर्शक नहीं बने रहेंगे- अमित शाह ने महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार को चेताया

मुंबई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार को भी परोक्ष चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य सरकारें सहकारिता को राजनीति से ऊपर उठकर देखें, वरना हम मूक दर्शक नहीं बने रहेंगे। अमित शाह शनिवार को महाराष्ट्र के अहमदनगर में पद्मश्री डा.विट्ठलराव विखे पाटिल साहित्य सेवा जीवन गौरव पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस समारोह के साथ ही सहकार परिषद एवं कृषि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया था। समारोह में शाह ने कहा कि राज्य में विपक्षी दलों के नेताओं से संबंधित कुछ चीनी मिलों को बैंक गारंटी नहीं दी जा रही है।

राजनीति से ऊपर उठकर सहकारिता को देखें

राज्य सरकारों को राजनीति से ऊपर उठकर सहकारिता को देखना चाहिए। अन्यथा मैं मूक दर्शक बनकर नहीं बैठ सकता। मेरी जिम्मेदारी है। इसलिए मैं बहुत अच्छे तरीके से यहां कह रहा हूं कि आप सबको इससे ऊपर उठकर सोचना चाहिए।

सभी चीनी मिलें चालू रहें हमारी कोशिश

शाह ने सहकारिता क्षेत्र को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मैं यहां कुछ तोड़ने नहीं, बल्कि जोड़ने आया हूं। मैं विश्र्वास दिलाता हूं कि मेरे सामने जो भी मसला आएगा, उसका निपटारा यह देखकर नहीं होगा कि सहकारिता की वह इकाई कौन चला रहा है। बल्कि यह देखकर होगा कि सहकारिता की वह इकाई कैसी चल रही है। राज्य सरकार को भी इसी तरह आगे बढ़ना चाहिए। हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि सभी चीनी मिलें चालू रहें, और एक भी सहकारी चीनी मिल निजी क्षेत्र में जाने की नौबत न आए।

चीनी मिलों की समस्याओं का अध्ययन करवाया

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने चीनी मिलों की समस्याओं का गहराई से अध्ययन करवाया है। उसमें सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं। उनके अनुसार चीनी निर्यात को निर्यात सब्सिडी देने का काम मोदी सरकार ने किया है। इथेनाल का उपयोग और उसकी ब्लेंडिंग बढ़ाकर चीनी मिलों को आगे बढ़ाने का काम भी मोदी सरकार ने ही किया है। इथेनाल के दाम में बढ़ोतरी भी मोदी सरकार ने ही की है। सहकारिता मंत्रालय के पहले मंत्री शाह ने कहा कि अब सहकारिता क्षेत्र में प्राण फूंकने का समय आ गया है, इसीलिए प्रधानमंत्री ने सहकारिता मंत्रालय का गठन किया है।

साई मंदिर में किया दर्शन

बता दें कि महाराष्ट्र में सहकारिता क्षेत्र पर ज्यादातर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एवं कांग्रेस पार्टी के नेताओं का कब्जा है। पिछले दिनों कई मामले ऐसे आए हैं कि सहकारी चीनी मिलों के नाम पर भारी-भरकम ऋण लेने के बाद इन चीनी मिलों को जानबूझकर घाटे में दिखाया गया और फिर उन्हें किसी न किसी नेता ने कौडि़यों के मोल खरीद लिया। महाविकास अघाड़ी सरकार में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का जामसंडेकर चीनी मिल से ऐसा ही संबंध सामने आया है। जिसके कारण उन पर ईडी और आईटी के छापे भी पड़े हैं। इसलिए अमित शाह के सहकारिता मंत्री बनने के बाद से ही कांग्रेस और राकांपा के ऐसे सौदे करने वाले नेता सशंकित दिखाई दे रहे हैं। कार्यक्रम से पहले शाह ने शिरडी के साई मंदिर में दर्शन कर प्रार्थना में भी भाग लिया।

जागरूक प्रहरी की भूमिका निभाएं कंपनी सीक्रेट्री

मुंबई में इंस्टीट्यूट आफ कंपनी सीक्रेटरीज आफ इंडिया (आइसीएसआइ) के एक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश की विकास दर आज दो अंकों में पहुंचने जा रही है। इसमें देश के कंपनी सीक्रेट्री बहुत बड़ी भूमिका है। लेकिन उन्हें भी अब जागरूक प्रहरी की भूमिका निभानी होगी। शाह के अनुसार मोदी सरकार आने के बाद कंपनियों को सजा देनेवाले 81 कानूनों को बदलकर उनकी जगह अब अर्थदंड का प्रविधान किया गया है। इसका मतलब है कि सरकार आंतरिक प्रबंधन में आपकी भूमिका बढ़ा रही है। सरकार चाहती है कि यह जिम्मेदारी आप एक जागरूक प्रहरी की भांति निभाएं।

भविष्य में कई चुनौतियां खड़ी

शाह ने कहा कि भविष्य में कई चुनौतियां भी आने वाली हैं। कानूनों में प्रधानमंत्री ने 360 डिग्री परिवर्तन कर दिया है। इन परिवर्तनों को कंपनी सीक्रेटरीज की अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाने की जरूरत भी है। उन्होंने कोरोना काल में मोदी सरकार द्वारा किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के लोनी में आयोजित ‘सहकार परिषद एवं कृषि सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा कि यह वह धरती है जहां से सहकारिता का बिगुल पूरे देश में फूंका गया। मैं देश भर के सहकारिता आंदोलन के लोगों से अपील करना चाहूंगा कि एकबार उन्‍हें यहां की पावन धरती का आ‍शीर्वाद लेना चाहिए। गुजरात में भी एक सफल सहकारिता का आंदोलन चला। मौजूदा वक्‍त में अमूल इस आंदोलन की सफलता की तस्‍दीक करता है। यह कोआपरेटिव आज 50 हजार करोड़ रुपए का टर्नओवर कर रही है।

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