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Vaccination: 40 लाख से अधिक बच्चों लगी कोविड की पहली डोज, बच्चों ने शेयर किया अनुभव

सोमवार को 15 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के किशोरों के टीकाकरण अभियान के पहले दिन अपराह्न तीन बजे तक राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में 40 लाख से अधिक बच्चों को कोविड-19 टीके की खुराक दी जा चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने यह जानकारी दी। मांडविया ने ट्वीट कर बताया कि बच्चों के टीकाकरण अभियान के पहले दिन रात 8 बजे तक 15-18 आयु वर्ग के 40 लाख से अधिक किशोरों को कोविड वैक्सीन की पहली खुराक मिल चुकी है।

इससे पहले  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने आरएमएल अस्पताल में बच्चों के एक कोविड टीकाकरण केंद्र का दौरा किया और कुछ लाभार्थियों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आरएमएल अस्पताल में जाकर 15-18 आयुवर्ग के बच्चों के लिए आज से शुरू हुए टीकाकरण अभियान का जायज़ा लिया व बच्चों से बातचीत कर उन्हें अपने दोस्तों को भी वैक्सीन के लिए प्रेरित करने को कहा।”

कई लाभार्थियों और उनके माता-पिता ने कहा कि महामारी के मामलों में वृद्धि की पृष्ठभूमि वे इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। आकर्षक ‘सेल्फी पॉइंट’ स्थापित करने से लेकर कल्पनाशील पोस्टर और रंगीन गुब्बारे लगाने तक, नामित टीकाकरण केंद्र, ज्यादातर स्कूल और शैक्षणिक संस्थान, युवाओं के स्वागत के लिए तैयार किए गए थे।

बच्चों में दिखा जोश
दिल्ली सरकार के एक स्कूल में अपने बेटे को टीके की खुराक दिलाने का इंतजार कर रही सविता देवी ने कहा, ‘‘जब भी स्कूल फिर से खुलते थे तो मुझे कोविड के कारण अपने बेटे को स्कूल भेजने में हिचकिचाहट होती थी। अब राहत है कि उसने टीका लगवा लिया है।”

17 वर्षीय छात्र रितेश घोष ने कहा, ‘‘इसका लंबे समय से इंतजार था। तीसरी लहर आ गयी है और यह सोचकर कि दूसरी लहर कितनी आक्रामक थी, हम सभी डरे हुए थे।” इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए 15 वर्षीय छात्रा रीमा दत्ता ने कहा, ‘‘हम राहत की सांस ले सकते हैं और टीके की खुराक लेने के बाद कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए घर से बाहर निकल सकते हैं। ओमीक्रोन की लहर पहले ही हमें डरा रही है।”

रायपुर निवासी 17 वर्षीय दीक्षा पटेल ने आज कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक ली। दीक्षा टीका लगवाने को लेकर थोड़ी घबराई हुई थी, क्योंकि उसे इसके ‘दुष्प्रभावों’ को लेकर कुछ चिंताएं थीं। दीक्षा ने कहा कि टीका लगाने को लेकर उसे पहले कुछ डर लगा लेकिन परिवार और दोस्तों के समझाने के बाद उसने टीका लगवा लिया। उसने बताया कि उसके साथ उसके कई दोस्तों ने भी पहले ही दिन जेआर दानी शासकीय कन्या विद्यालय में टीका लगवाया।

दीक्षा ने बताया कि रविवार को उनके कक्षा शिक्षक ने व्हाट्सएप समूह पर एक संदेश पोस्ट किया और सभी बच्चों को टीकाकरण के लिए स्कूल आने के लिए कहा। इसके बाद दीक्षा चिंतित थी क्योंकि पिछले साल अप्रैल और मई माह में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान उसके परिवार के कई सदस्य टीका लगवाने के बाद बीमार हो गए थे। हालांकि, जब 11वीं कक्षा की छात्रा दीक्षा को उसकी मां और परिवार के अन्य सदस्यों ने समझाया और तीसरी लहर से बचाव के बारे में बताया तब उसने अपने करीबी मित्र आरती साहू और बबली ध्रुव के साथ टीका लगवाने का फैसला किया।

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