ब्रेकिंग
Bhadrapada Amavasya Daan 2026: भाद्रपद अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति... Delhi News: दिल्ली को मिलेगी अपनी SDRF फोर्स, CM रेखा गुप्ता की हाईलेवल बैठक; NDRF देगा जवानों को ट्... कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को लश्कर के मुखौटा संगठन से धमकी: घाटी में 6 हजार कर्मियों की सुरक्षा पर स... Nanded Road Accident: नांदेड़-भोकर मार्ग पर ट्रक और पिकअप की आमने-सामने भीषण भिड़ंत, 8 लोगों की दर्द... Karnataka News: थोताडागुद्दाहल्ली में 3 वर्षीय बच्ची की मौत पर भारी बवाल, परिजनों ने सौतेली मां को प... Delhi Love Story: 'ना उम्र की सीमा हो...' दिल्ली में 22 की युवती ने 60 के शख्स से रचाई शादी, हाईकोर्... Bihar Young Lawyers Stipend Scheme: बिहार में नए वकीलों को हर महीने मिलेंगे ₹5,000, 3 साल तक आर्थिक ... Chhattisgarh Crime News: दुर्ग में नवकन्या भोज गई मासूम से दरिंदगी करने वाले चाचा को मृत्युदंड, कार ... मुंबई में कचरे और गंदगी पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त: BMC को लगाई कड़ी फटकार, अवमानना की दी चेतावनी यूपी में 'मिशन हैट्रिक' की तैयारी में जुटी बीजेपी: 18,900 कमजोर बूथों पर शुरू हुआ महामंथन
देश

क्षेत्रीय दलों से अपील 2024 चुनाव में बीजेपी को मात देने के लिए एक साथ आएं : ममता बनर्जी

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर क्षेत्रीय दलों से बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस चाहती है कि 2024 चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मात देने के लिए सभी क्षेत्रीय दल एक साथ आएं। टीएमसी अध्यक्ष ने कहा मैं यूपी का चुनाव नहीं लड़ रही लेकिन 8 फरवरी को मैं अखिलेश यादव के समर्थन के लिए यूपी जाऊंगी। हम कई राज्यों से चुनाव लड़ेंगे, गोवा से शुरुआत हो गई है। हमारे पास 2 साल है जिसमें हमें खुद को मज़बूत करना है ताकि हम 2024 में 42 में से 42 सीटें लेकर आएं। उन्होंने बजट को लेकर कहा कि यह एक बड़ा झांसा है, आम जनता को बेवकूफ बनाने की कोशिश की गई है।  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर निर्विरोध तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गईं हैं। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने पांच साल के अंतराल के बाद अपने संगठनात्मक चुनाव कराए थे। पार्टी के महासचिव पार्थ चटर्जी के अनुसार, ममता बनर्जी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया, क्योंकि किसी अन्य नेता ने अपनी उम्मीदवारी पेश नहीं की थी। संगठनात्मक चुनाव के निर्वाचन अधिकारी चटर्जी ने कहा, ममता बनर्जी के पक्ष में कुल 48 प्रस्तावकों और समर्थकों ने नामांकन दाखिल किया। चूंकि अध्यक्ष पद के लिए अन्य किसी ने नामांकन नहीं भरा था, ममता बनर्जी को फिर से निर्विरोध चुन लिया गया है। ममता बनर्जी ने 1998 में कांग्रेस से अलग होने के बाद पार्टी की स्थापना की थी और तब से वह इसका नेतृत्व कर रही हैं। वर्ष 2001 और 2006 के विधानसभा चुनाव में दो असफल प्रयासों के बाद, पार्टी 2011 वाम मोर्चे को मात देकर सत्ता में आई। पार्टी, राज्य विधानसभा की 294 सीटों में से 213 सीटें हासिल करने के बाद पिछले साल मई में लगातार तीसरी बार सत्ता में आई थी।

Related Articles

Back to top button