ब्रेकिंग
दुबई से पति को तलाशते हुए सतना पहुंची महिला: महिला थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी की शिकायत 🛕 खैरागढ़ के जमातपारा में 300 साल पुराना बनबिहारी मंदिर: कृष्ण भक्ति और रियासतकालीन इतिहास का संगम Durg News: दिव्यांगता को बनाया ताकत, दुर्ग के दृष्टिबाधित शिक्षक अवतार गुप्ता ने की डिजिटल एक्सेसिबि... Chhattisgarh BJP News: रायपुर में जुटेगा प्रबुद्ध वर्ग और ओबीसी मोर्चा, संगठन महामंत्री पवन साय देंग... Guru Balakdas Jayanti: पंडरिया में धूमधाम से मनी गुरु बालकदास की 221वीं जयंती, 30 गांवों में निकली भ... NTPC Korba Blackout: एनटीपीसी कोरबा की सभी 7 यूनिट्स एक साथ ट्रिप, 7 राज्यों में गहराया बिजली संकट Jashpur News: 850 साल पुराने रियासतकालीन बालाजी मंदिर में गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे, राजपरिवार ने झु... CGPSC State Service Exam: कम अभ्यर्थियों के चयन पर सीजीपीएससी का स्पष्टीकरण, 21 सितंबर से साक्षात्का... रायगढ़ जिले के लिए गौरव का पल: प्राथमिक शाला सेमरा की दो शिक्षिकाएं राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम... रायपुर में शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह: 63 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित, 4 को मिला स्मृति ...
व्यापार

यूक्रेन पर रूस के अटैक से एशिया के इन देशों पर असर, भारत को लग सकता है बड़ा झटका

नई दिल्ली   यूक्रेन पर रूस के अटैक ने ग्लोबल मार्केट्स पर दबाव बढ़ा दिया है। सभी देश और सेंट्रल बैंक्स कोविड-19 महामारी के असर से रिकवरी की प्रक्रिया में हैं। इस बीच, रूस का यूक्रेन पर अटैक महंगाई के दबाव को और बढ़ा सकता है। नोमुरा (Nomura) की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संघर्ष के नतीजे के चलते एशिया में भारत सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में हो सकता है।

भारत, थाईलैंड और फिलीपींस हो सकते हैं बिगेस्ट लूजर

गुरुवार के ट्रेड में एक समय ब्रेंट क्रूड की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जाने के बाद करीब 3 फीसदी चढ़ीं। ऑयल और फूड प्राइसेज में लगातार बढ़ोतरी एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।  ‘ऐसी स्थिति में भारत, थाईलैंड और फिलीपींस पर सबसे बुरा असर (बिगेस्ट लूजर्स) पड़ेगा। वहीं, इंडोनेशिया को फायदा हो सकता है।’

बढ़ते ऑयल प्राइसेज बढ़ा सकते हैं मुश्किल

भारत, ऑयल का बड़ा इंपोर्टर है। ऐसे में बढ़ते ऑयल प्राइसेज भारत पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘ क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें कंज्यूमर और बिजनेस के लिए निगेटिव टर्म ऑफ ट्रेड शॉक है।’ हालिया पॉलिसी मीटिंग में भारत में मोनेटरी पॉलिसी कमेटी ने पॉलिसी रेट्स में बदलाव नहीं किया है। लेकिन, बढ़ती महंगाई को कंट्रोल करने के लिए रिजर्व बैंक (RBI) थोड़ा सख्ती कर सकता है।

Related Articles

Back to top button