ब्रेकिंग
कोरबा के बांगो बांध ने तोड़ा 3 साल का रिकॉर्ड: 83% से अधिक भरा जलाशय, जल्द खुल सकते हैं गेट जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में कायराना आतंकी हमला! छत्तीसगढ़ के दो युवाओं ने तोड़ा दम, सीएम साय ने दी श्... कांकेर में कलयुगी बेटे ने मां को लट्ठ से मार उतारा था मौत के घाट: शव को फांसी पर लटकाया, अदालत ने दी... एमपी सरकार ने किसानों के हित में लिए 2 बड़े फैसले, खाद वितरण में 'हाइब्रिड मोड' लागू व मूंग-उड़द खरी... एमपी में मूंग-उड़द की सरकारी खरीद की अंतिम तिथि बढ़ी! 10 अगस्त तक स्लॉट बुकिंग, खाद वितरण का बदला नि... इंदौर में श्री मानभद्र भक्ति महोत्सव की धूम: आचार्य कुमुदनंद और विप्रणत सागर का मिला सान्निध्य, 10 ह... मंदसौर में MD ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री पर पुलिस का बड़ा छापा! 3 क्विंटल केमिकल जब्त; जानें नीमच CBN ... जबलपुर में सिस्टम शर्मसार: सड़क न होने से 11 साल की बच्ची का शव हाथ ठेले पर ले जाने को मजबूर हुए परि... छिंदवाड़ा से शुरुआत! 7 अगस्त को पहले 'जन विश्वास कार्यक्रम' में शामिल होंगे सीएम मोहन यादव; सुनेंगे ... इंदौर के डॉक्टरों का कमाल: 130 डिग्री मुड़ी रीढ़ की हड्डी को 13 घंटे की सर्जरी से किया सीधा, लकवे की...
देश

कोरोना महामारी के दौरान किसानों ने सुनिश्चित किया की देश में नहीं होनी चाहिए भोजन की कमी

अहमदाबाद । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अहमदाबाद में गुजरात पंचायत महासम्मेलन को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ये बापू की धरती है, ये सरदार पटेल की धरती है। बापू ने हमेशा ग्रामीण विकास की, आत्मनिर्भर गांव की, सशक्त गांव की बात कही है। इसलिए आजादी का अमृत काल हम जब मना रहे हैं, तो पूज्य बापू के सपनों को पूरा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

साथ ही कहा कि जब आजादी के अमृतकाल में हम हैं और आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं तो पूज्य बापू के सपनों के हम सब एक प्रकार से प्रतिबद्ध है कि आजादी की जंग में जो सपने देख कर लोगों ने खुद को आहूत किया, अपनी जवानी खपा दी तो हमें उन सपनों को साकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी हमारे छोटे किसानों ने सुनिश्चित किया कि भोजन की कोई कमी न हो।

महासम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात में पंचायत व्यवस्था में पुरुषों से ज्यादा प्रतिनिधित्व महिलाएं कर रही हैं। 1.5 लाख से अधिक चुने हुए जनप्रतिनिधि एक साथ बैठकर गुजरात के उज्ज्वल भविष्य की चर्चा करें, इससे बड़ा कोई अवसर नहीं हो सकता है, लोकतंत्र की इससे बड़ी कोई ताकत नहीं हो सकती है।

Related Articles

Back to top button