ब्रेकिंग
Toll Tax Rules: देश में खत्म होंगे टोल बैरियर, हाईवे पर 120 की स्पीड में कटेगा टैक्स; गुजरात से शुरु... Chhatrapati Sambhajinagar News: कुएं में मिट्टी धंसने से बड़ा हादसा, पानी निकालने गए पिता और 2 बेटों... Viral Wedding: विदेशी दुल्हन ने भारतीय रीति-रिवाज से लिए 7 फेरे, लंदन की लड़की बनी तेलंगाना की बहू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का फॉर्मूला: PM मोदी की अपील- छोटे-छोटे संकल्पों से देश की इकोनॉमी को मिल... हड़कंप! मदरसे में चल रहा था 'Made In Pakistan' पंखा, रिपेयरिंग के दौरान खुला राज, खुफिया एजेंसियां अ... Shocking News: ट्रेन की टक्कर से पुल से नीचे गिरी गाय, सीधे युवक के ऊपर जा गिरी, मच गया हड़कंप Murder News: पुराने प्रेमी के साथ मिलकर नए बॉयफ्रेंड को उतारा मौत के घाट, इंस्टाग्राम वाली खूनी प्रे... Noida News: नोएडा वालों के लिए गुड न्यूज, भंगेल एलिवेटेड रोड चौड़ा होने से पीक आवर्स के जाम से मिलेग... Chamba Road Accident: चंबा-नूरपुर हाईवे पर 300 फीट गहरी खाई में गिरी कार, गुजरात के 6 पर्यटकों की मौ... Lucknow Crime News: इंस्टाग्राम पर 'सौरभ सिंह' बनकर शोएब ने हिंदू लड़कियों को किया टारगेट, ब्लैकमेलि...
धार्मिक

गायत्री मंत्र का करें पाठ 

गायत्री मंत्र का उच्‍चारण करने से व्‍यक्ति के जीवन में खुशियों का संचार होता है। इस मंत्र का जाप करने से शरीर निरोग बनता है और इंसान को यश, प्रसिद्धि और धन की प्राप्ति भी होती है। हिन्दू धर्म में गायत्री मंत्र को विशेष मान्यता प्राप्त है। कई शोधों द्वारा यह भी प्रमाणित किया गया है कि गायत्री मंत्र के जाप से कई फायदे भी होते हैं जैसे : मानसिक शांति, चेहरे पर चमक, खुशी की प्राप्ति, चेहरे में चमक, इन्द्रियां बेहतर होती हैं, गुस्सा कम आता है और बुद्धि तेज होती है।
गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्यः धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्
गायत्री मंत्र का अर्थ
भगवान सूर्य की स्तुति में गाए जाने वाले इस मंत्र का अर्थ निम्न है… उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अन्तःकरण में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे1
मंत्र के प्रत्येक शब्द की व्याख्या
गायत्री मंत्र के पहले नौ शब्द प्रभु के गुणों की व्याख्या करते हैं…
ॐ = प्रणव
भूर = मनुष्य को प्राण प्रदाण करने वाला
भुवः = दुख़ों का नाश करने वाला
स्वः = सुख़ प्रदाण करने वाला
तत = वह, सवितुर = सूर्य की भांति उज्जवल
वरेण्यं = सबसे उत्तम
भर्गो = कर्मों का उद्धार करने वाला
देवस्य = प्रभु
धीमहि = आत्म चिंतन के योग्य (ध्यान)
धियो = बुद्धि, यो = जो, नः = हमारी,
प्रचोदयात् = हमें शक्ति दें (प्रार्थना)
कब करें गायत्री मंत्र का जाप
यूं तो इस बेहद सरल मंत्र को कभी भी पढ़ा जा सकता है लेकिन शास्त्रों के अनुसार इसका दिन में तीन बार जप करना चाहिए।
प्रात:काल सूर्योदय से पहले और सूर्योदय के पश्चात तक।
फिर दोबारा दोपहर को।
फिर शाम को सूर्यास्त के कुछ देर पहले जप शुरू करना चाहिए।
गायत्री मंत्र के फायदे

Related Articles

Back to top button