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पंजाब से अरुण जेटली का खास नाता, हारने के बावजूद दिया बहुत कुछ

नई दिल्लीः पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को AIIMS में निधन हो गया। वह 66 वर्ष के थे। उन्हाेंने दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के साथ मोदी सरकार में भी अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली हैं। इसी के साथ उनका पंजाब के साथ भी अह्म रिश्ता रहा हैं। उनको भाजपा के मुख्‍य रण्‍नीतिकारों में माना जाता था और वह पार्टी के ‘चाणक्‍य’ थे। अरुण जेटली ने 2014 में अमृतसर संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह कांग्रेस के उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह से हार गए थे। चुनाव में जेटली को 1,02,770 मतों से हार का मुंह देखना पड़ा था।

अमृतसर से हैं पारिवारिक नाता-

जिस समय भारत-पाकिस्तान का विभाजन हुआ था, उस समय लौहार से आने पर उनकी बुआ ने उनके पिता और पांचों भाइयों को अपने घर आश्रय दिया था। उनकी बुआ विभाजन के समय अमृतसर में फुल्ला वाला चौक में रहती थीं। जेटली का ननिहाल भी अमृतसर में ही है। खूह सुनियारिया में उनके मामा मदन लाल वट्टा रहते थे। जेटली का जन्म तो दिल्ली में हुआ लेकिन अमृतसर से उनका हमेशा लगाव रहा हैं।

अरुण जेटली काे अपना राजनीतिक गुरु मानते थे सिद्धू

नवजोत सिंह सिद्धू अरुण जेटली काे अपना राजनीतिक गुरु मानते थे। इस बात काे वह खुले रूप से स्वीकार करते थे। 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान नवजोत सिद्धू अमृतसर में कांग्रेस उम्‍मीदवार थे, तो जेटली ने उनके खिलाफ चुनावी सभाओं में उनके खिलाफ हमले किए, लेकिन सिद्धू ने उनके खिलाफ कोई टिप्‍पणी नहीं की। उस समय सिद्धू ने कहा था, कि वह मेरे गुरु हैं और रहेंगे। मैं उनके खिलाफ काेई टिप्‍पणी नहीं करुंगा। सिद्धू ने कहा था, कि गुरु जीवन भर के लिए हाेते हैं और वह बदले नहीं जाते। यहां तक की वह जेटली के जन्‍म दिन पर उनसे आशीर्वाद लेने दिल्‍ली उनके घर भी जाते थे।

अमृतसर में हार के बावजूद दिया बहुत कुछ

अरुण जेटली ने 2014 में अमृतसर संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह कांग्रेस के उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह से हार गए थे। इसके बावजूद उन्हाेंने अमृतसर काे बहुत कुछ दिया हैं। उन्हाेंने अमृतसर को आईआईएम दिया। स्मार्ट सिटी और हेरिटेज सिटी का दर्जा देते हुए इसे विश्वस्तरीय शहरों में खड़ा करने में कोई कसर नहीं रखी। यहां तक की अमृतसर के कारोबारी और नेता जब भी उनके पास अपनी समस्याएं लेकर दिल्ली गए, ताे उन्हाेंने पहल के आधार पर उन्हें हल किया।

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