ब्रेकिंग
MP High Court Relief: सागर जहरीली शराब कांड के आरोपी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत; बुलडोजर कार्रवाई पर र... Sagar Poisonous Liquor Case: जहरीली शराब कांड के फरार आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा की भाभी का शस्त्र लाइस... Palamu Police Action: मॉडिफाइड गाड़ियों से रौब दिखाने वालों पर पुलिस का शिकंजा; मेदिनीनगर में 20 वाह... Madhya Pradesh News: आगर मालवा में उफनते नाले में बही श्रद्धालुओं से भरी कार; 3 बच्चों समेत 8 लोगों ... Bhiwani Crime News: रेंज रोवर गाड़ी पर गोलीबारी के मामले में पुलिस का एक्शन, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रह... Sewa Sankalp Abhiyan Bhiwani: भिवानी की गोशालाओं में पशु स्वास्थ्य कैंप और हवन का आयोजन, लंपी बीमारी... Savita Punia and Rajinder Singh: एशियन गेम्स में चमकेंगे सिरसा के सितारे, भारतीय पुरुष और महिला हॉकी... Mayor Shyam Lal Bansal Panchkula: निगम कार्यालयों की नई बिल्डिंग और ट्रांसफर हुए 9 सेक्टर, सीएम सैनी... Haryana Urban Development: पंचकूला में सीवर सिस्टम और जल निकासी होगी दुरुस्त, सेक्टर-32 में बनेगा वर... PGT Computer Science Result Stay: एनसीटीई नियमों की अनदेखी का मामला, 12 अगस्त को घोषित परिणाम पर रोक
धार्मिक

विनायक चतुर्थी के दिन भूलकर भी न करें ये काम, गणेश जी हो जाएंगे क्रोधित

हिंदू पंचांग (hindu panchang) के अनुसार हर महीने की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी (vinayak chaturthi 2022) मनाई जाती है. इस साल चैत्र महीने (chaitra month vinayak chaturthi) की विनायक चतुर्थी 5 अप्रैल यानी कि मंगलवार को पड़ रही है.

इसी दौरान चैत्र नवरात्रि भी रहेंगे. इस दिन भगवान गणेश (lord ganesh) की पूजा करने व्रत रखने का विधान होता है. शास्त्रों के मुताबिक इस दिन कुछ काम करने को मना किया जाता है. तो, चलिए आपको बताते हैं कि वो कौन-कौन से काम है जो विनायक चतुर्थी (vinayak chaturthi 5th april 2022) को नहीं करने चाहिए.
विनायक चतुर्थी व्रत के टाइम पीरियड में फलाहार की सामग्री में नमक का इस्तेमाल भूलकर भी ना करें. इसके अलावा इस दिन काले कपड़े ना पहनें. दरअसल, इसे निगेटिव एनर्जी (vinayak chaturthi tithi) का सिंबल माना जाता है.

चैत्र विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की स्थापना इस प्रकार करें ताकि उनकी पीठ का दर्शन ना हो. माना जाता है कि पीठ का दर्शन करने से जीवन में दरिद्रता (vinayak chaturthi donts) आती है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी के आगे जलाए गए दीपक की जगह बार-बार नहीं बदलनी चाहिए. इसके साथ ही उस दीपक को गणेशजी के सिंहासन पर भी नहीं रखना चाहिए. दरअसल, ऐसा करना बेहद अशुभ माना जाता है.

धर्म शास्त्रों के मुताबिक गणेशजी की पूजा में तुलसी के पत्ते का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि ऐसे करने से गणेश जी नाराज हो जाते हैं. पौराणिक कथा के मुताबिक भगवान गणेश ने तुलसी को श्राप दिया था अपनी पूजा से वर्जित कर दिया था.
विनायक या गणेश चतुर्थी के दिन जहां गणेशजी की स्थापना करें, उस स्थान को अकेला ना छोड़ें. वहां किसी ना किसी की मौजूदगी होनी चाहिए. इसके साथ ही गणेशजी की पूजा व्रत में मन, कर्म वचन से शुद्ध होना जरूरी होता है. इसके अलावा इस दिन ब्रह्मचर्य का भी (chaitra month vinayak chaturthi 2022) पालन करें.

Related Articles

Back to top button