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उत्तरप्रदेश

सपा से नाराज शिवपाल यादव ने इटावा में डाला वोट

इटावा। यूपी में विधान परिषद की खाली हुई 36 में से 27 सीट पर शनिवार सुबह आठ बजे से वोटिंग जारी है। इसी क्रम में इटावा के जसवंतनगर से समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल सिंह यादव ने अपने बेटे आदित्य यादव के साथ मतदान किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि एमएलसी का चुनाव गुप्त तरीके से होता है, इसलिए उन्होंने भी गुप्त मतदान किया है। जिसको वोट दिया है वह जीतेगा। समाजवादी पार्टी के निष्पक्ष मतदान के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुझे तो कहीं भी नहीं दिख रहा है कि मतदान में भेदभाव हो रहा है। मतदान को सही हो रहा है।
इसी दौरान आगे के कदम के बारे में पूछने पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि बहुत जल्दी उचित समय आयेगा। अपनी मुस्कुराहट को लेकर के उन्होंने कहा कि बहुत ही जल्दी आपको सूचना मिल जायेगी। गौरतलब है कि इससे पहले रामगोपाल यादव ने कहा था कि अगर इसमें निष्पक्ष वोटिंग हो जाएगी तो समाजवादी पार्टी सभी सीटों से विजय प्राप्त करेगी। जानकारी के अनुसार, जिन स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान हो रहा है, उनमें मुरादाबाद-बिजनौर, रामपुर-बरेली, पीलीभीत-शाहजहांपुर, सीतापुर, लखनऊ-उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, फैजाबाद, बस्ती-सिद्धार्थनगर, गोरखपुर-महाराजगंज, देवरिया, आजमगढ़-मऊ, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, झांसी-जालौन-ललितपुर, कानपुर-फतेहपुर, इटावा-फरुखाबाद, आगरा-फिरोजाबाद, मेरठ-गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर-सहारनपुर शामिल है।
चुनाव के दौरान शिवपाल यादव जब सपा गठबंधन के साथ गए तो उन्होंने सिर्फ एक ही बात कही कि उनका लक्ष्य अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है। इसीलिए वह सारी चीजों को पीछे छोड़कर सपा के साथ आ रहे हैं। अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव को केवल एक सीट दी, वह भी उनकी खुद की जसवंत नगर सीट। चुनाव के परिणाम सामने आए तो सपा के सरकार बनाने के सपने चकनाचूर हो गए। उसके बाद जब सपा के विधायकों की बैठक बुलाई गई तो उसमें भी शिवपाल यादव को नहीं बुलाया गया। नाराजगी इससे एक दिन पहले से शुरू हुई बताई जा रही है।

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