‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान में केंद्र सरकार दे रही नौकरी, लैपटॉप और मोबाइल, जानें क्या है पूरा मामला?

PIB Fact Check: केंद्र सरकार की ओर से कई तरह के अभियान चलाए जाा रहे हैं, जिसके तहत सरकार गरीबों और जरूरतमंदों को कई तरह की खास सुविधाएं देती है. आज हम आपको एक वायरल मैसेज का सच बताते हैं.
PIB Fact Check: केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से कई तरह के अभियान चलाए जाा रहे हैं, जिसके तहत सरकार गरीबों और जरूरतमंदों को कई तरह की खास सुविधाएं देती है. सरकार की ओर से चलाए जा रहे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, लेकिन एक विज्ञापन में दावा किया जा रहा है कि सरकार इस अभियान के तहत नौकरी, लैपटॉप और मोबाइल बांट रही है. आइए आपको बताते हैं कि इस विज्ञापन का सच क्या है-
PIB ने किया फैक्ट चेकपीआईबी ने जब इस विज्ञापन का फैक्ट चेक करके इसके सच के बारे में पता लगाया है. सोशल मीडिया पर भी इस विज्ञापन की फोटो तेजी से वायरल हो रही है.
PIB ने किया ट्वीटPIB ने अपने ऑफिशियल ट्विटर में लिखा है कि एक विज्ञापन में दावा किया जा रहा है कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत सरकार द्वारा नौकरी, लैपटॉप और मोबाइल प्रदान किए जा रहे हैं.
एक विज्ञापन का फर्जी दावा है कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत सरकार द्वारा नौकरी, लैपटॉप और मोबाइल प्रदान किए जा रहे हैं#PIBFactCheck ▶️यह धोखाधड़ी का प्रयास है▶️इस योजना के तहत किसी को भी व्यक्तिगत रूप से पैसे देने का प्रावधान नहीं हैं🔗https://t.co/eqBelilD7b pic.twitter.com/385FwRvjy1— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) April 26, 2022
फर्जी है विज्ञापनPIB ने जब इसका फैक्टचेक किया तो पता चला कि यह विज्ञापन पूरी तरह से फर्जी है. केंद्र सरकार की तरफ से इस तरह की कोई भी योजना नहीं चलाई जा रही है.
PIB ने कहा – यह धोखाधड़ी का प्रयास हैइस योजना के तहत किसी को भी व्यक्तिगत रूप से पैसे देने का प्रावधान नहीं हैं
इस तरह के मैसेज से रहें सावधानपीआईबी ने फैक्ट चेक के बाद में इस मैसेज को पूरी तरह से फर्जी बताया है. पीआईबी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस तरह के मैसेज से सभी लोग सावधान रहें. पीआईबी ने लोगों से ऐसे मैसेज को आगे फॉरवर्ड नहीं करने को कहा. ऐसे मैसेज के बहकावे में आकर आप अपनी निजी जानकारी और पैसों को खतरे में डालते हैं.
आप भी करा सकते हैं फैक्ट चेकअगर आपके पास में भी कोई इस तरह का मैसेज आता है तो आप उसकी सच्चाई के बारे में पता लगाने के लिए फैक्ट चेक करा सकते हैं. आप पीआईबी के जरिए फैक्ट चेक करा सकते हैं. इसके लिए आपको ऑफिशियल लिंक https://factcheck.pib.gov.in/ पर विजिट करना है. इसके अलावा आप वॉट्सऐप नंबर +918799711259 या ईमेलः pibfactcheck@gmail.com पर भी वीडियो भेज सकते हैं.





