ब्रेकिंग
Ranchi News: हरमू नदी को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए रांची नगर निगम का बड़ा एक्शन, शुरू हुआ सर्वे Chandigarh News: एक्ट्रेस का आरोप- डेरा प्रमुख के ड्राइवर ने किया शोषण, न्याय के लिए निहंग नेता की श... Panchkula News: पंचकूला मेयर कार्यालय और प्रसिद्ध मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप Coalgate Case: नवीन जिंदल और पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख को कोर्ट का सम्मन, 17 जुलाई को पेश होने के ... नारायणगढ़ सुसाइड केस: पीड़िता की बहन का सनसनीखेज आरोप, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल Kaithal ACB Action: एनओसी और क्लेम सेटलमेंट के नाम पर घूस मांगना पड़ा भारी, महिला एजेंट धरायी Gwalior News: पुरानी छावनी से गायब 6 साल का मासूम सकुशल मिला, 'ऑपरेशन कन्हैया' रहा सफल Sehore Gas Leak News: सोनकच्छ टोल के पास अमोनिया गैस टैंकर में रिसाव, पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा ह... Morena News: पशुपालन विभाग के चपरासी ने पिस्टल लेकर उप संचालक को दी धमकी; वेतन कटने से था नाराज Morena News: लश्करीपुरा में मजदूर के घर बड़ी चोरी, 3 लाख का माल पार; पुलिस FIR दर्ज करने में सुस्त
देश

सोशल मीडिया पर देश विरोधी पोस्ट करने पर होगी कार्रवाई, 2020 से लागू होंगे नए नियम

सोशल मीडिया आज हमारे दैनिक जीवन का एक हिस्सा बन गया है। सोशल मीडिया के उभार के साथ ही नई चुनौतियां भी उभर कर सामने आई हैं। इस प्लेटफॉर्म पर देश विरोधी कंटेंट पोस्ट किए जाते हैं। इससे निपटने के लिए भारत सरकार नए वर्ष की शुरुआत में ही सोशल मीडिया (Social Media) पर हेट स्पीच को फैलाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने जा रही हैं। दरअसल, मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन (एमईआई) ने सोशल मीडिया के ऐसे कंटेंट पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। इस दस्तावेज के मुताबिक सोशल साइट्स पर हेट स्पीच समेत अन्य कार्यों पर लगाम लगाने के लिए नियम बनाए जाएं, जिससे यह प्लेटफॉर्म सुरक्षित और बेहतर बन सके।

नए नियम लेकर आएगी सरकार
सरकार ने एफिडेविट में कहा कि हम फेसबुक, इंस्टाग्राम और टविटर जैसे प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए जिम्मेदार कौन है, इसकों लेकर हम विचार कर रहे हैं। साथ ही हम सोशल मीडिया के लिए 15 जनवरी 2020 से नए नियम लेकर आएंगे और प्रोवाइडर्स को भी इसकी जानकारी देंगे।

तीन सप्ताह में बनाए नए नियम
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरुद्ध बोस ने सरकार को तीन सप्ताह के भीतर सोशल मीडिया के लिए नए गाइडलाइन बनाने का निर्देश दिया है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सोशल मीडिया कंपनी किसी भी फेक न्यूज की पहचान नहीं कर पाती हैं। वहीं, भारत सरकार को इस स्थिति को ध्यान में रखकर समाधान निकालना होगा। इसके साथ ही सोशल मीडिया की सुरक्षा के लिए पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन कोर्ट में दर्ज किए जा चुके हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button