ब्रेकिंग
फतेहपुर के सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्रों का हंगामा! बिजली, शौचालय व पेयजल की मांग को लेकर सड़क पर उ... IIT दिल्ली से घर बैठे सीखें AI और डेटा साइंस! सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू, जानें अप्लाई क... मसूरी-देहरादून मार्ग पर भारी भूस्खलन! मैगी पॉइंट के पास रेस्टोरेंट हुआ क्षतिग्रस्त, घंटों ठप रहा ट्र... छात्र प्रदर्शनों पर लाठीचार्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश! निर्दोषों को तुरंत रिहा करने के ... मंथली एक्सपायरी के दबाव में बाजार में सुस्ती, मामूली गिरावट से निवेशकों के डूबे ₹1.10 लाख करोड़ फाजिल्का में बिजली विभाग का बड़ा एक्शन! 40 हजार उपभोक्ताओं पर ₹40 करोड़ का बकाया, कटने लगे कनेक्शन लुधियाना में दूसरे दिन भी सफाई कर्मचारियों का प्रचंड प्रदर्शन! कूड़ा लिफ्टिंग रोकी, माता रानी चौक पर... लुधियाना के SCD सरकारी कॉलेज में बनेगा पंजाब का पहला इंडोर वॉलीबॉल ऑडिटोरियम! ₹3.60 करोड़ की लागत से... लुधियाना बिजली विभाग में बड़ा घपला! जे.ई. बिक्कर सिंह पर ₹12.25 लाख की हेराफेरी का केस दर्ज सुल्तानपुर लोधी में पिज्जा कैफे में बीती रात लगी भीषण आग! AC, फ्रिज व फर्नीचर जलकर राख; लाखों का नुक...
देश

जाट राजनीति के जरिए इस नेता ने की थी सियासी सफर की शुरूआत, मोदी मंत्रिमंडल में हुई रिएंट्री

लखनऊ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट राजनीति के जरिए अपने सियासी सफर की शुरूआत करने वाले संजीव बालियान गुरूवार को लगातार दूसरी बार मोदी मंत्रिमंडल में जगह दी गई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बालियान को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्होंने हाल में सम्पन्न लोकसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर संसदीय क्षेत्र से राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अध्यक्ष अजित सिंह के खिलाफ करीब साढे 6 हजार वोटों से रोमांचक जीत हासिल की थी।

वर्ष 2013 में मुजफ्फरनगर में हुई सांप्रदायिक हिंसा में आरोपी बनाए गए बालियान ने इससे पहले वर्ष 2014 में बसपा के कादिर राणा को 4 लाख से अधिक वोटों से हराया था। पिछली मोदी सरकार में उन्हे कृषि एवं खाद्य प्रसंस्कण विभाग में राज्यमंत्री बनाया गया था जबकि बाद में वह जल संसाधन, नदी विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री बने।

संजीव बालियान ने 2013 में राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं थीं, जब उनका नाम मुजफ्फरनगर दंगे में आया था। उन पर दंगों के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप था। आरोप था कि सितंबर 2013 में उन्होंने एक महापंचायत की थी, जिसके कारण इलाके में माहौल बिगड़ा था। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने नाराज जाटों को मनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button