ब्रेकिंग
CJP प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने वाले जुनैद मलिक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट! पुलिस पर प्रताड़ना और परिजन... NEET पेपर लीक पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का अनोखा प्रदर्शन, सिर पर पट्टी और हाथ में लाठी लेकर पहुं... 'NEET के छात्रों से ऐंठे जाते हैं ₹1.32 लाख करोड़'; सार्वजनिक परीक्षा विधेयक 2026 पर बहस के दौरान प्... शिर्डी में गुरु पूर्णिमा उत्सव का आगाज! MP और गुजरात के भक्तों ने बाबा के चरणों में न्यौछावर किए लाख... दिल्ली में महिलाओं को हर महीने मिलेंगे ₹2500! 'लक्ष्मी योजना' को कैबिनेट की मंजूरी, रक्षाबंधन पर आएग... सिर में नक्सलियों की गोली फंसी होने के बाद भी रोज लगा रहे 10 KM दौड़, पढ़ें हॉक फोर्स के जांबाज शिवक... फतेहपुर के सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्रों का हंगामा! बिजली, शौचालय व पेयजल की मांग को लेकर सड़क पर उ... IIT दिल्ली से घर बैठे सीखें AI और डेटा साइंस! सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए आवेदन शुरू, जानें अप्लाई क... मसूरी-देहरादून मार्ग पर भारी भूस्खलन! मैगी पॉइंट के पास रेस्टोरेंट हुआ क्षतिग्रस्त, घंटों ठप रहा ट्र... छात्र प्रदर्शनों पर लाठीचार्ज मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश! निर्दोषों को तुरंत रिहा करने के ...
महाराष्ट्र

15 मार्च तक तैयार हो जाएगा CST फुट ओवर ब्रिज

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के बाहर हिमालय फुट ओवरब्रिज (FoB) 15 मार्च तक तैयार हो जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, पुल के लिए तैयार की जा रही सीढ़ी का काम अंतिम चरण में है, जो कि जल्द पूरा हो जाएगा। वहीं, एस्केलेटर के काम में तीन से चार महीने लग सकते है।

तीन साल से अधिक समय तक रुका रहा पुल का काम

इससे पहले, नागरिक निकाय ने ये विचार किया था कि सीएसएमटी के बाहर दो उद्घाटन (फुटपाथ अंत पर) में से एक पर पुल के लिए एस्केलेटर लगाया जाएगा लेकिन जगह की कमी होने के कारण इस आइडिया को नाकार दिया गया।

बाद में बीएमसी ने जून 2021 में बिना एस्केलेटर के एक टेंडर जारी किया। ये काम 5.75 करोड़ रुपये की लागत से 15 महीने के भीतर पूरा किया जाना था लेकिन कई कारणों से पुल का काम तीन साल से अधिक समय तक रुका रहा।

चार महीने बाद लगेगा एस्केलेटर

वर्ष 2022 में, बीएमसी ने फिर से एक अन्य उद्घाटन (आंतरिक सड़क पर) पर एक एस्केलेटर स्थापित करने का निर्णय लिया और इसे वर्तमान टेंडर में जोड़ा गया।

पुल विभाग के एक अधिकारी ने इस संबंध में कहा कि वर्क ऑर्डर कुछ महीने पहले जारी किया गया था, लेकिन इसे कारखाने में तैयार करने में कुछ महीने लगेंगे। एक बार यह पूरा हो जाने के बाद, इसे पुल पर स्थापित करने में अधिक समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि पुल के पूरा होने की समय सीमा 15 मार्च है और एस्केलेटर चार महीने बाद लगाया जाएगा।

14 मार्च, 2019 को हुआ था बड़ा हादसा

गौरतलब है कि हिमालय फुट ओवरब्रिज 14 मार्च, 2019 को ढह गया था, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, सात गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना के बाद, बीएमसी को यह तय करने में सात महीने लग गए कि सीएसएमटी के उत्तरी छोर पर एक पुल की जरूरत लोगों को है या नहीं। एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि लगभग 50,000 से अधिक यात्रियों ने इस पुल का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद नागरिक निकाय ने पुल के पुनर्निर्माण का फैसला किया।

 

Related Articles

Back to top button