ब्रेकिंग
Supreme Court Verdict: विवाहित बेटियां भी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार; सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पुर... Gwalior Crime News: सौतेला पिता ही निकला 13 वर्षीय छात्रा का हत्यारा; शव को नदी में मगरमच्छों के बीच... MP Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा तोहफा; 21 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति, स्वामित्व ... CBSE Class 12th Results: ऑन-स्क्रीन मार्किंग में धांधली का आरोप; NSUI ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की... Ahmedabad Sports Club Bomb Threat: अहमदाबाद स्पोर्ट्स क्लब में ब्लास्ट की धमकी; लश्कर और दाऊद इब्राह... Yogi Adityanath in Kushinagar: कुशीनगर को बड़ी सौगात; फाजिलनगर अब कहलाएगा 'पावागढ़', सीएम योगी ने किय... DK Shivakumar CM News: कर्नाटक के नए मुखिया डी.के. शिवकुमार; शिक्षिका ने याद किए स्कूली दिन, कहा- 'न... ED Raids on Drugs Network: दाऊद इब्राहिम के करीबी सलिम डोला पर ईडी का शिकंजा; मुंबई से राजकोट तक 20 ... Bihar Politics: बंगले पर घमासान! राबड़ी देवी को बंगला खाली करने के आदेश पर भड़की RJD, सम्राट चौधरी का... Mathura Crime News: फर्जी साधु का पर्दाफाश; हाई-पैकेज वाली युवतियों को फंसाकर करता था दुष्कर्म और ब्...
देश

गैर-लाभकारी संस्थाओं पर सरकार की सख्ती

संस्था से जुड़े लोगों पर सरकार कसेगी शिकंजा

नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने गैर-लाभकारी संस्थाओं पर कड़ा शिकंजा कसने का निर्णय लिया है। गैर लाभकारी संस्था से जुड़े हुए सभी राजनेता, अधिकारी, उसके सदस्यों एवं संस्था के प्रबंधकों के ऊपर सरकार कड़ी निगरानी शुरू करने जा रही है। वित्तीय लेनदेन पर भी सरकार की कड़ी नजर होगी।
धन शोधन निषेध कानून के तहत लाभार्थी के खुलासे या रिपोर्टिंग के लिए सीमा 25 फ़ीसदी से घटाकर 10 फ़ीसदी कर दी गई है। संस्था में 10 फ़ीसदी हिस्सेदारी या पूंजी अथवा मुनाफे रखने वाले व्यक्ति की जानकारी अब संस्था को देना अनिवार्य होगा।
संशोधन कानून के अंतर्गत लाभार्थी का मतलब ऐसे व्यक्ति से है,जिनका उस संस्था पर नियंत्रण और स्वामित्व होता है। धन शोधन कानून के अंतर्गत जिन लोगों के साथ वित्तीय लेनदेन कर रहा होता है। वित्तीय लेनदेन की जानकारी का दायरा बढ़ा दिया गया है। ताकि काले धन को सफेद धन बनाने की गतिविधि पर रोक लगाई जा सके।
गैर लाभकारी संस्था को अब अपने प्रबंधकों के नाम साझेदारों के नाम एवं संस्था की सभी गतिविधियों का ब्यौरा जमा करना पड़ेगा। वित्त मंत्रालय ने 7 मार्च को अधिसूचना जारी की है। उसके अनुसार संशोधन नियम 2023 में संशोधन किया गया है। पहले पंजीकरण प्रमाण पत्र,स्थाई खाता संख्या, पैन कार्ड तथा संस्था के पदाधिकारियों के दस्तावेज उपलब्ध कराने तक सीमित था। उसका दायरा अब बढ़ा दिया गया है।

Related Articles

Back to top button