ब्रेकिंग
🚨 लातूर के औसा में स्कूल में वीडियो बनाने पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर FIR दर्ज लखनऊ KGMU में MBBS इंटर्न्स की भूख हड़ताल: ₹12,000 से बढ़ाकर ₹30,000 स्टाइपेंड करने की मांग, गेट पर ... बेंगलुरु के डोड्डाबल्लापुर में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान स्थित गैंग से जुड़े 28 वर्षीय AC टेक्नीशियन ... बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक: वंदे मातरम् पर देशव्यापी अभियान का ऐलान, Gen Z से जुड़ेंगे ... जयपुर में जर्जर स्कूल पर एक्शन: पुराने भवन से 50 मीटर दूर ग्रामीण के मकान में शिफ्ट हुई कक्षाएं, 16 ... संभाजीनगर ट्रिपल डेथ केस: आईफोन की जिद या कोई और वजह? DCP रत्नाकर नवले बोले- जांच पूरी होने तक अफवाह... बिहार के DMCH में अमानवीयता की हद: गार्ड ने टूटे पैर वाले लावारिस मरीज को जमीन पर घसीटा, अधीक्षक ने ... 71 की उम्र में मेगास्टार चिरंजीवी का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा, संक्रांति 2027 पर रिलीज होगी 'काका' पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर NIA का शिकंजा: लाहौर भेजा जाएगा समन, गैर-मौजूदगी में चलेगा ट... 'मर्द औरतों को कंट्रोल क्यों करना चाहते हैं?': राहुल गांधी ने पुणे में छात्राओं से किया सीधा संवाद, ...
देश

कर्नाटक में एक बार ‎‎फिर भाजपा सैकड़ा पार करने की तैयारी में जुटी

बेंगलुरु । कर्नाटक में प्री-पोल सर्वे में भाजपा को सैकड़ा पार की पार्टी बताया जा रहा है। यहां पर चुनाव का रण तैयार है। 10 मई को मतदान के बाद 13 मई को ऐलान हो जाएगा कि दक्षिण भारतीय राज्य की गद्दी पर कौन सा दल काबिज होने वाला है। चुनाव से पहले किए गए एक सर्वे में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के लिए अच्छी खबर है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि भाजपा इस बार फिर सैकड़ा पार करने जा रही है। हालां‎कि 2018 विधानसभा चुनाव की तुलना में कांग्रेस का भी प्रदर्शन सुधरने के आसार हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हाल ही किए गए  प्री-पोल सर्वे में भाजपा को 105 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। जबकि, 2018 में घोषित नतीजों में भाजपा को 104 सीटें मिली थीं। वहीं, कांग्रेस को 87 सीटें जीतती हुई नजर आ रही है। यहां बीते चुनाव में पार्टी ने 78 सीटों पर जीत हासिल की थी। जबकि, 2018 में 37 सीटें जीती। इस बार जनता दल सेक्युलर को 5 सीटों का नुकसान हो सकता है। सर्वे में पार्टी को 32 सीटें पर रखा गया है।
यहां यह बात गौरतलब है ‎कि सोमवार को ही भाजपा ने राज्य में अपना घोषणापत्र जारी किया है। इसमें पार्टी ने राज्य में चुनाव जीतने पर यूसीसी और एनआरसी लागू करने का वादा किया है। साथ ही गरीबी रेखा के नीचे परिवारों को आधा लीटर नंदिनी दूध प्रतिदिन दिया जाएगा। इसके साथ ही हर महीने परिवार के हर सदस्य को 5 किलो चावल और 5 किलो बाजरा मिलेगा। भाजपा ने उगादी, गणेश चतुर्थी और दिवाली के मौके पर पर बीपीएल परिवारों को तीन मुफ्त गैस सिलेंडर देने की बात कही है। भाजपा के वादों की फेहरिस्त में कर्नाटक ओनरशिप एक्ट में संशोधन, हर वार्ड में लैब का निर्माण, दिवंगत अभिनेता पुनीत राजकुमार के नाम पर मैसूर में फिल्म सिटी का नामकरण और अटल आहार केंद्र भी शामिल हैं।
खास बात है कि कर्नाटक में साल 1985 के बाद कभी भी सत्तारूढ़ दल ने चुनाव नहीं जीता है। ऐसे में अगर ये प्री पोल सर्वे सटीक साबित होते हैं, तो राज्य में भाजपा के दोबारा सरकार बनाने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। हालांकि, 2018 में भी भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन कांग्रेस और जेडीएस ने मिलकर कुछ समय के लिए गठबंधन सरकार बना ली थी। एक ओर जहां भाजपा दक्षिण भारत में सियासी विस्तार करने की कोशिश कर रही है। वहीं, कांग्रेस को भी बड़ी जीत की तलाश है। ताजा जीत के साथ दक्षिण भारत में भाजपा अपना पक्ष मजबूत करना चाहेगी।

Related Articles

Back to top button