ब्रेकिंग
यूपी में 'मिशन हैट्रिक' की तैयारी में जुटी बीजेपी: 18,900 कमजोर बूथों पर शुरू हुआ महामंथन Weather Update Today: मॉनसून की विदाई में होगी देरी! दिल्ली, यूपी और एमपी में जोरदार बारिश की चेतावन... HCL मलाजखंड और आईआईटी कानपुर की SATHEE पहल ने मलाजखंड में आयोजित किया करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता स... गाजियाबाद में निषाद पार्टी का कार्यक्रम, काफी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल कवर्धा में फर्जी डिजिटल पेमेंट का भंडाफोड़: फर्जी रिसीविंग दिखाकर नकद राशि ऐंठने वाले गिरोह पर एक्शन Bhilai News: भिलाई सेक्टर-2 में गटर की सफाई के दौरान मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी; जांच में जुट... Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का...
देश

देवेंद्र फडणवीस का दावा, अजित के प्लान की शरद पवार को थी जानकारी

मुंबईः महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि वह राकांपा नेता अजित पवार थे जिन्होंने राज्य में सरकार बनाने के लिए उनसे संपर्क किया था। महाराष्ट्र में जब शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा के बीच सरकार बनाने के लिए बातचीत चल रही थी तभी अचानक 23 नवंबर को सुबह जल्दबाजी में फडणवीस ने मुख्यमंत्री के तौर पर और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेकर सबको हैरान कर दिया था। हालांकि यह सरकार 80 घंटे में ही गिर गई थी।

फडणवीस ने एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि अजित पवार ने उन्हें राकांपा के सभी 54 विधायकों के समर्थन का आश्वासन दिया था। फडणवीस ने कहा कि उन्होंने मेरी कुछ विधायकों से बात कराई जिन्होंने मुझसे कहा कि वे भाजपा के साथ जाना चाहते हैं। अजित पवार ने मुझसे यह भी कहा कि उन्होंने इस बारे में (राकांपा प्रमुख) शरद पवार से भी चर्चा की है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अजित पवार ने हमसे संपर्क किया और कहा कि राकांपा कांग्रेस के साथ नहीं जाना चाहती है।

तीन दलों (शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा) का गठबंधन (सरकार) नहीं चल सकता। हम (राकांपा) स्थिर सरकार के लिए भाजपा के साथ जाना चाहते हैं। भाजपा नेता ने माना कि यह कदम उल्टा पड़ा और कहा कि आने वाले दिनों में इस बारे में और बातें सामने आएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई घोटाले में अजित पवार को मिली क्लीन चिट से उनका कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक शाखा का हलफनामा 27 नवंबर का है और मैंने 26 नवंबर को इस्तीफा दे दिया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button