ब्रेकिंग
Operation Sindoor Heroes: नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट पर दर्ज हुआ ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीदों का नाम Amit Shah on Drugs: नार्को-आतंकवाद पर बड़ा प्रहार; 6,000 करोड़ की ड्रग्स नष्ट करने का लक्ष्य, NCB के न... Arvind Kejriwal in Ayodhya: राम मंदिर दर्शन के बाद केजरीवाल का बड़ा बयान; कहा- 'चंदा चोरी करने वालों ... Rahul Gandhi as LoP: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी के दो साल पूरे; सोशल मीडिया पर... ⚖️ केतन अग्रवाल हत्याकांड: सीएम फडणवीस का सख्त रुख, उज्ज्वल निकम होंगे विशेष सरकारी वकील, फास्ट ट्रै... West Champaran News: रामगढ़वा में शादी के दौरान बड़ा हादसा; दूल्हे की अचानक मौत से पसरा सन्नाटा, बिना... Allahabad High Court News: ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के मामले में हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी; स... Jaisalmer News: जैसलमेर में मानवता शर्मसार; महिला को पैरों में बेड़ियां बांधकर रखा गया, DLSA ने किया ... Jaipur Crime News: जयपुर में कलयुगी बेटे का कारनामा; बुजुर्ग पिता को बेरहमी से पीटा, CCTV वीडियो हुआ... Delhi Crime News: कश्मीरी गेट ISBT पर सक्रिय था शातिर लुटेरा; नशीली फ्रूटी पिलाकर करता था लूट, गिरफ्...
मध्यप्रदेश

थर्ड डिग्री टार्चर का वीडियो दिखाकर डंडे-बेल्ट मार रहे थे पुलिसवाले

इंदौर। ‘तू ऐसे नहीं बताएगी। तेरा इंतजाम करना पड़ेगा। ये वीडियो देख ले। तुझे भी ऐसे ही पीटेंगे। दीवार के पास सीधी खड़ी हो जा। साहब ने पीटने का बोला है।’ रचना शर्मा को पुलिसवालों ने थर्ड डिग्री टार्चर का वीडियो दिखाकर पीटा था। एसआइ सुरेंद्रसिंह ने कहा था कि इसकी ऐसी पिटाई करो, यह चोरी कबूल ले।

महावीर नगर (धार) निवासी रचना को एक महीने से पूछताछ के बहाने बुलाते थे। बयान और पूछताछ के नाम पर घंटों प्रताड़ित करते थे। एसआइ सुरेंद्र (तिलक नगर), एसआइ पाठक(कनाड़िया), एएसआइ प्रदीप वर्बे (तिलक नगर) अलग-अलग बयान लेते थे। एडीपीओ (उज्जैन ईओडब्ल्यू) सीमा शर्मा भी बैठती थी। एफआइआर दर्ज करने के बाद पुलिसवाले आरोपितों जैसा बर्ताव करने लगे। रविवार दोपहर 12 बजे रचना और उसके भाई यश द्विवेदी को थाने बुला लिया।

सुरेंद्र ने तीन घंटे पूछताछ की और कहा इसका इंतजाम करना पड़ेगा। सिपाही अर्पिता को बुलाया और कहा कि इसे ऊपर ले जाओ। पुलिसवालों ने मोबाइल में थर्ड डिग्री टार्चर का वीडियो दिखाया और डंडे-बेल्ट से पीटा। कभी हथेलियों पर डंडे मारे तो कभी उल्टे हाथ करवाए। दीवार के पास खड़ा किया और जांघ-कूल्हे पर डंडे मारे। रचना को रात करीब 9 बजे तक शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान करते रहे।

उल्टियां हुईं तब भी पुलिसवालों का दिल नहीं पसीजा। रात होने पर अर्पिता ने कहा सामान्य हो जाओ। आंसू पोछो। दर्द से कराहने लगी तो कहा एकदम सीधे चलना। शरीर में चोट लगी, ऐसा महसूस नहीं होना चाहिए। उसे एक रूम में अलग से बैठाया और अर्पिता ने बर्फ से सिंकाई की। कोल्ड ड्रिंक और काफी पिलाई। दवाइयां दी और घावों पर मरहम लगाया ताकि सामान्य दिखे। पुलिसवाले बोले थे कि डीसीपी का आदेश है तुमसे पूछताछ करना है।

साजिश: डीसीपी आफिस में टाइप हुआ आवेदन, दोषियों को बचाया

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून) मनीष कपूरिया से शिकायत करने पर अफसरों में हड़कंप मचा। दोषियों पर एफआइआर की बारी आई तो रचना को जोन-2 के डीसीपी अभिषेक आनंद के कार्यालय बुलाया गया। रचना ने कहा कि खजराना एसीपी जयंत राठौर के इशारे पर पिटाई हुई है। एसआइ सुरेंद्र असल गुनाहगार है। सिपाहियों ने उसके इशारे पर ही पीटा है। डीसीपी ने कार्यालय में ही आवेदन टाइप करवाया, जिसमें सुरेंद्र का नाम हटा दिया।

रिश्तेदार हिमांशु ने विरोध किया तो कहा अभी कुलदीप का नाम लिखो। बाकी विवेचना में देख लेंगे। डीसीपी का लहजा देख रचना ने आवेदन पर हस्ताक्षर कर दिए। बुधवार को पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर से मुलाकात कर सुरेंद्र, जयंत राठौर और सीमा शर्मा पर भी कार्रवाई की मांग की।

पुलिसवालों को जेब में रखने की धमकी देती थी एडीपीओ

रचना को फंसाने की साजिश उनकी ननद सीमा शर्मा ने की है। सीमा ईओडब्ल्यू कार्यालय उज्जैन में एडीपीओ है। पुलिसवाले सीमा के दबाव में ही सख्ती कर रहे थे। कई बार सीमा खुद थाने में बैठ जाती थी। बहन स्मृति द्विवेदी के मुताबिक सीमा बोलती थी कि पुलिसवाले उसकी जेब में हैं। सीमा के मुताबिक मुझे ब्लैकमेल करने की साजिश हो रही है। भाभी (रचना) का भाई यश उर्फ लोकेश मास्टर माइंड है।

लोकेश ने थाने में हमारी उपस्थिति दर्शाने की नीयत से योजनाबद्ध तरीके से थाने बुलाया था। उसने कहा था कि वह 21 लाख लौटाना चाहता है। इस दौरान उसने जाजीजी चंद्रप्रकाश भट्टो को बुलाने के लिए भी कहा था। थाने में भाई सुनील के फोन से बात भी की थी। रचना के साथ मारपीट हुई या नहीं इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। फरियादी पक्ष पर दबाव बनाने के लिए हमरा झूठा नाम लिया जा रहा है।

आधी रात बुजुर्गों को काल करता था एसआइ

हिमांशु त्रिवेदी के मुताबिक पुलिसवाले तो एक महीने से टार्चर कर रहे थे। आवेदन पत्र की जांच के दौरान रात 12 बजे बुजुर्गों को काल कर बोलते थे कि थाने आना पड़ेगा। एक बार पुलिसवाले घर आ गए और बीमार चाचा का फोटो खींचा। रात में ही रचना को थाने ले जाने की धमकी दी।

Related Articles

Back to top button