ब्रेकिंग
PM Modi in Indonesia: 'भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी', इंडोनेशिया की संसद में पीएम मोदी ने पेश किया 'गंगा-म... Welcome to the Jungle Budget: 250 करोड़ नहीं, डायरेक्टर अहमद खान ने बताया फिल्म का असली बजट Ramayana Movie Rights: करण जौहर ने 250 करोड़ में खरीदे 'रामायण' के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स, दिवाली पर ... Prabhas Fauzi Update: प्रभास की 'फौजी' में होगा हाई-वोल्टेज एक्शन, 10 जुलाई से शुरू होगी इंटरवल सीन ... Akshay Kumar 2016 Movies: 'एयरलिफ्ट' से 'रुस्तम' तक, जब अक्षय कुमार ने 8 महीने में दी थीं लगातार 3 स... UP ATS Action: लखनऊ NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, 13 बांग्लादेशी और 2 रोहिंग्या घुसपैठियों को 5-5 साल की ... डबरा में सफाई कर्मचारी की संदिग्ध मौत, अपहरण के शक में पुलिसकर्मियों पर पिटाई का आरोप Khajrana Civil Hospital: जमीन का नहीं हुआ हस्तांतरण, इसलिए अटका खजराना सिविल अस्पताल का काम Haridwar Mansa Devi Temple: राम मंदिर विवाद के बाद मनसा देवी ट्रस्ट सख्त, पुजारियों के लिए बनाए कड़े... Ketan Agrawal Murder Case: केतन हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, आरोपी चेतन-सिया ने 4 महीने पहले क...
देश

‘केरल में निपाह वायरस के मामले सामने क्यों आते रहते हैं हम नहीं जानते’, बोले- ICMR डीजी राजीव बहल

आईसीएमआर के डीजी राजीव बहल ने शुक्रवार को बताया कि निपाह में संक्रमित लोगों की मृत्यु दर बहुत अधिक है, जबकि कोविड के मामले में मृत्यु दर 2-3 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि निपाह से संक्रमित लोगों की मृत्युदर 40 से 70 प्रतिशत के बीच है। बहल ने बताया, “निपाह के प्रकोप को रोकने के प्रयास जारी हैं, सभी संक्रमित व्यक्ति ‘इंडेक्स पेशेंट (पहला संक्रमित मरीज)’ के संपर्क में आए थे। हम नहीं जानते कि केरल में निपाह के मामले क्यों सामने आते रहते हैं। हमारे पास केवल 10 रोगियों के लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी खुराक हैं। अब तक किसी को भी नहीं दी गई है।

राजीव बहल ने बताया कि भारत ने मोनोक्लोनल एंटीबॉडी की 20 और खुराक मांगी है, संक्रमण के प्रारंभिक चरण के दौरान दवा दी जानी चाहिए। मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का प्रभावकारिता परीक्षण नहीं किया गया है, केवल चरण एक का परीक्षण पूरा हुआ है। इसे केवल संभावित औषधि के रूप में ही दिया जा सकता है।

बता दें कि केरल के कोझिकोड जिले में 39 वर्षीय एक व्यक्ति के निपाह वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। यह व्यक्ति एक संक्रमित मरीज के सीधे संपर्क में आया था जिसकी 30 अगस्त को संक्रमण से मृत्यु हो गई थी। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने यहां शुक्रवार को यह जानकारी दी। उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण राज्य सरकार ने उन सभी लोगों की जांच का फैसला किया जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं और जिनके संक्रमित होने का जोखिम अधिक है।

राज्य की स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय ने शुक्रवार को कहा कि व्यक्ति ने एक निजी अस्पताल में इलाज की मांग की थी। स्थिति का जायजा लेने के लिए आज यहां कोझिकोड कलेक्टरेट में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जॉर्ज के अलावा मंत्री पी. ए. मोहम्मद रियास, अहमद देवरकोविल और ए. के. शशिंद्रन ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए जॉर्ज ने कहा कि वायरस से संक्रमित नौ साल का लड़का वेंटिलेटर सपोर्ट पर है, उसके अलावा प्रभावित अन्य लोगों की स्वास्थ्य की स्थिति स्थिर है। उन्होंने कहा कि संदेह है कि उपचाराधीन मरीज उस व्यक्ति से संक्रमित हुआ था जिसकी 30 अगस्त को मृत्यु हो गई थी।

जॉर्ज ने कहा, ‘‘इसलिए, हमने उन सभी लोगों की जांच करने का निर्णय लिया है जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हैं और उनके संक्रमित होने का जोखिम अधिक है, भले ही उनमें कोई लक्षण नहीं हों। वर्तमान में हमारे पास कोझिकोड में दो अतिरिक्त केंद्र हैं। हमारे पास राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी (आरजीसीबी) से एक मोबाइल लैब हैं, दो मशीनें हैं जो एक समय में 96 नमूनों की जांच कर सकती हैं।” नियम के मुताबिक केवल उन्हीं लोगों के नमूनों की जांच की जा सकती है जिनमें लक्षण दिखें।

Related Articles

Back to top button