ब्रेकिंग
ILBS का 'लिवर मिशन': दिल्ली मॉडल से होगा हर नागरिक का फ्री चेकअप, सरकार ने खोला मदद का पिटारा कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें: किसान आंदोलन पर टिप्पणी मामले में कल बठिंडा कोर्ट में होंगी पेश मराठी कार्ड पर छिड़ा घमासान! भाजपा अध्यक्ष बोले- भाषा के नाम पर जहर न घोलें, वोटिंग से पहले सियासी प... मिसाइल से लेकर माइंडसेट तक... सेना प्रमुख ने समझाया क्या है 'शौर्य संप्रवाह', दुश्मनों के लिए बजाई ख... सावधान! उत्तर भारत में जारी है 'कोल्ड वेव' का कहर; रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी, जानें मौसम विभाग की नई चे... प्रयागराज माघ मेला: श्रद्धालुओं के बीच मची चीख-पुकार, दूसरे दिन भी भड़की आग; आखिर कहाँ है सुरक्षा इं... तनाव के बीच तेहरान से आया राहत भरा मैसेज: 'टेंशन मत लेना...', जानें ईरान में फंसे भारतीय छात्रों का ... शमशान से घर पहुंचने से पहले ही उजड़ गया परिवार! सीकर में भीषण हादसा, एक साथ उठीं 6 अर्थियां राणा बलचौरिया मर्डर केस में SSP मोहाली के बड़े खुलासे, गिरफ्तार शूटरों ने बताए चौंकाने वाले सच घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच खुले पंजाब के स्कूल, अभिभावकों ने उठाई छुट्टियां बढ़ाने की मांग
मध्यप्रदेश

हवाओं का रुख बदलने से रात में सिहरन, दिन में गर्मी बरकरार

भोपाल। हवाओं का रुख बार-बार बदलने से प्रदेश में न्यूनतम तापमान में कुछ उतार-चढ़ाव होने लगा है। उधर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात में प्रदेश में सबसे कम 14.6 डिग्री सेल्सियस तापमान नौगांव में दर्ज किया गया। पचमढ़ी में रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम रहा।

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एचएस पांडे ने बताया कि वर्तमान में मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाली कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ भी कम तीव्रता वाले आ रहे हैं। इस वजह से मौसम के मिजाज पर विशेष प्रभाव नहीं हो रहा है। वर्तमान में हवाओं का रुख उत्तर-पूर्वी, पूर्वी एवं उत्तर-दक्षिणी हो रहा है। इस वजह से नमी आने के कारण बीच-बीच में बादल भी आ जाते हैं।

हवाओं की रफ्तार भी काफी मंद बनी हुई है। रात के समय उत्तरी हवाएं चलने के कारण सिहरन बनी हुई है। उधर दिन के समय पूर्वी एवं दक्षिणी हवाएं चलने से दिन का तापमान बढ़ा हुआ है। इस वजह से दिन व रात के तापमान के बीच काफी अंतर भी बना हुआ है। अभी इसी तरह का मौसम बना रहने की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान के पास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है, जबकि दूसरा पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास द्रोणिका के रूप में मौजूद है। दोनों पश्चिमी विक्षोभ कमजोर हैं। इस वजह से इनका मौसम पर विशेष असर नहीं हो रहा है। हवाओं का रुख बार-बार बदलता रहने से तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव हो रहा है।

Related Articles

Back to top button