ब्रेकिंग
Hyderabad Fire Tragedy: हैदराबाद फर्नीचर शोरूम में भीषण आग, बेसमेंट में जिंदा जले 5 लोग, 22 घंटे बाद... अकील अख्तर ने थामा पतंग का साथ! झारखंड में AIMIM का बड़ा दांव, पाकुड़ की राजनीति में मचेगी हलचल मिर्जापुर जिम धर्मांतरण मामला: कोर्ट ने आरोपी इमरान को भेजा जेल, 14 दिन की जुडिशियल रिमांड पर फैसला Singrauli Mine Collapse: सिंगरौली में बड़ा हादसा, मिट्टी की खदान धंसने से 3 लोगों की मौत, 2 की हालत ... MBMC Election Results 2026: मीरा भयंदर में बीजेपी का दबदबा, लेकिन मेयर की कुर्सी के लिए विपक्षी एकजु... Suicide Case: पिता ने टोकना तो नाराज हुआ बेटा, ऑटो के अंदर फंदा लगाकर दी जान; परिजनों का रो-रोकर बुर... Gwalior Crime: ग्वालियर में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का भंडाफोड़, शादी के नाम पर ठगने वाली दुल्हन समेत 7... ईरान: आयतुल्ला खामेनेई का बड़ा फैसला, बेटे मसूद को बनाया सुप्रीम लीडर दफ्तर का प्रमुख; जानें वजह Natural Pest Control: चींटी, कॉकरोच और मच्छरों से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय, नोट करें ये नेचुरल टिप... BBL 2026 Winner: पर्थ स्कॉर्चर्स ने छठी बार जीता खिताब, MI और CSK का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ रचा इतिहास
धार्मिक

कयामत के बाद जब कुछ न होगा तब सिर्फ यह होगा

एक बार खलीफा उमर भाषण दे रहे थे। उन्होंने लोगों से पूछा, ‘अगर में आप लोगों को कोई आज्ञा दूं तो क्या आप सभी उसे मानेंगे?’ एक महिला ने कहा, ‘जी नहीं, हम कैसे मान सकते हैं?’

तब खलीफा उमर ने पूछा, ‘क्यों?’ महिला बोली, ‘आप इतना लंबा चोगा पहने हुए हैं लेकिन मेरे पति का चोगा घुटनों तक भी नहीं आता है। इससे साफ जाहिर होता है कि आपने शाही भंडार से अपने हिस्से में अधिक कपड़ा लिया है।’

पढ़ें: मन से हारें नहीं इस तरह रखें संयम

महिला की बात सुनकर खलीफा उमर ने कहा, ‘मैं नही जानता कि यह कैसे हुआ?’ मेरा लड़का इसका जवाब देगा।’ खलीफा उमर के संकेत पर लड़का आगे आया। उसने कहा, ‘मेरे पिता ने शाही भंडार से अधिक कपड़ा नहीं लिया है। मैनें अपने हिस्से के कपड़ा इन्हें दिया है। तभी इनका चोगा इतना लंबा हो गया।’

पढ़ें: शाकाहार बनाम मांसाहार! किसने क्या कहा?

लोगों का सिर श्रद्धा से खलीफा की ओर झुक गया। लेकिन महिला डर के कारण कांपने लगी। उसे डर था कि खलीफा उसे सजा देंगे। लेकिन खलीफा उस महिला पर नाराज नहीं हुए। लेकिन खलीफा ने कहा, जब तक इस महिला की तरह निर्भय होकर सत्य बात कहने वाले लोग इस दुनिया में उपस्थित हैं। तब तक हमारे धर्म को कोई खतरा नहीं है।

संक्षेप में

यानी बुजदिल कायरों वाला समाज कभी भी उन्नति नहीं कर पाता हर तरह की प्रगति तभी हो सकती है जब निर्भीकता पूर्वक सत्य कहने वाले लोग समाज में शीर्ष भूमिका निभाते हैं। कहा भी गया है ‘कयामत के बावजूद इस दुनिया में अगर कुछ कायम है तो वो होगा ‘सत्य’।’

Related Articles

Back to top button