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मध्यप्रदेश

लाउड स्पीकर और खुले में मांस बिक्री बैन पर गरमाई राजनीति, विधायक आरिफ मसूद बोले- भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही सरकार

भोपाल। प्रदेश में तेज आवाज वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउड स्पीकर) और खुले में मांस बिक्री को प्रतिबंधित करने के नई सरकार के फैसले पर राजनीति गरमाने लगी है। भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सरकार दुर्भावना की राजनीति कर रही है। आरिफ मसूद गुरुवार सुबह कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद पीसीसी कार्यालय के बाहर मीडियाकर्मियों से चर्चा कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी।

पहले से हैं सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

आरिफ मसूद ने कहा कि मुख्यमंत्री पहली कैबिनेट बैठक में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने की बात कर रहे हैं। अच्छा होता कि वे किसानों की बात करते, महंगाई, बेरोजगारी कम करने की बात करते, तो हम भी इसका स्वागत करते। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने ऐसा बयान दिया, जिससे लगता है कि प्रदेश में दुर्भावना चलेगी। जहां तक तेज आवाज वाले लाउड स्पीकर पर बैन लगाने की बात है तो यह आदेश नया नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का मैंने भी अध्ययन किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहीं भी डेसिबल (आवाज मापने का पैमाना) शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ आवाज सीमित रखने के लिए निर्देशित किया है। लिहाजा, यह कोई नया आदेश नहीं। इस तरह मुख्यमंत्री का यह आदेश महज भ्रम फैलाने की कोशिश है। प्रदेश की जनता ने प्रदेश का विकास, बेरोजगारी, महंगाई कम करने, 450 का गैस सिलेंडर देने जैसे वादों पर भाजपा को वोट दिया है। प्रदेश की जनता के हित की मुख्यमंत्री को बात करना चाहिए।

यह नगर निगम का विषय

खुले में मांस बिक्री पर बैन के बारे में पूछे जाने पर आरिफ मसूद ने कहा कि पहले से ही (मांस) ढकने की बात होती है। यह तो नियम है। नगर निगम, नगर पालिका का दायित्व है। इस पर मुख्यमंत्री ने कौन-सा नया, बड़ा काम कर दिया। यह ढोंग के सिवा और कुछ नहीं।

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