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मध्यप्रदेश

जमीन का रकबा सुधारने के लिए रिश्वत मांगने वाले बाबू को तीन साल की जेल

ग्वालियर। विशेष न्यायाधीश ने जमीन के कागजों में गड़बड़ी को सुधारने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में दोषी पाते हुए चिनोर तहसील कार्यालय के बाबू सीताराम सेन को धारा 7 पीसी एक्ट 1988 में तीन वर्ष के सश्रम कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अभियोजन की ओर से पैरवीकर्ता जिला अभियोजन अधिकारी लोकायुक्त संभाग ग्वालियर राखी सिंह ने घटना के बारे में बताया कि 1 मार्च 2016 को फरियादी चिनोर के ग्राम घिरौली के 45 वर्षीय केदार सिंह पुत्र रामस्वरूप यादव ने पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त कार्यालय के सामने उपस्थित होकर एक लिखित शिकायती आवेदन दिया।

आवेदन में बताया कि उसके पुराने जमीनी कागजों में और नवीन जमीनी कागजों के रिकार्ड में रकबा कम हो गया है। जिसका प्रकरण तहसीलदार चीनोर की अदालत में चल रहा है। रकबा सुधारने के एवज में तहसील चीनौर में पदस्थ बाबू सीताराम सेन ने उससे पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी। पुलिस अधीक्षक ने उक्त आवेदन, निरीक्षक कवींद्र सिंह चौहान को अग्रिम कार्यवाही के लिए सुपुर्द कर दिया। उक्त शिकायत पर कार्यवाही करते हुए अभियुक्त के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए प्रकरण सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले में दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायालय ने आरोपी सीताराम सेन को सजा सुनाई।

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