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मध्यप्रदेश

पहले चरण के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस कंट्रोल रूम से हर बूथ पर रखी नजर

भोपाल। लोकसभा चुनाव के पहले चरण की छह सीटों पर सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया। प्रत्येक बूथ पर घटते-बढ़ते मत प्रतिशत पर भोपाल से भाजपा और कांग्रेस की ओर से लगातार आनलाइन नजर रखी जा रही थी। इसके लिए भाजपा ने अपने प्रदेश कार्यालय पर और कांग्रेस ने अपने प्रदेश कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया। भाजपा के लोकसभा चुनाव के प्रदेश प्रभारी डा. महेंद्र सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने सुबह 11 बजे तक कंट्रोल रूम का जिम्मा संभाला।

भाजपा के वरिष्ठ नेता कंट्रोल रूम से हर आधा घंटे के अंतराल में वोट प्रतिशत की निगरानी कर रहे थे। जहां वोट घटता तो मतदान तेज कराने के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा था। इसके लिए आइटी विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम तैनात कर रखी थी। वहीं, बूथ स्तर पर बने वाट्सएस ग्रुप पर प्रत्येक घटनाक्रम की सूचना शेयर की जा रही थी, इसके लिए इंटरनेट मीडिया विभाग की टीम अलग से तैनात थी।

पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष सीमा सिंह, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल, राहुल कोठारी, चुनाव आयोग समन्वय विभाग के प्रदेश संयोजक एसएस उप्पल, चुनाव प्रबंधन विभाग के प्रदेश संयोजक प्रदीप त्रिपाठी, आइटी विभाग के प्रदेश संयोजक अमन शुक्ला इंटरनेट मीडिया विभाग के प्रदेश संयोजक अभिषेक शर्मा सहित प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

इसी तरह प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कंट्रोल रूम से विशेषज्ञों की टीम मतदान प्रतिशत पर नजर रखे हुए थी। कांग्रेस के कंट्रोल रूम की कमान जेपी धनोपिया सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संभाली थी।

वाट्सएप ग्रुपों से मिल रहा था पल-पल का अपटेड

बूथ, विधानसभावार, जिला और प्रदेश स्तर पर वाट्सएप ग्रुप बनाए गए। मतदान केंद्र पर गड़बड़ी सहित मतदान प्रतिशत की दिनभर भर की जानकारी प्रदेश स्तर पर अपडेट की जा रही थी। जहां कम मतदान हो रहा था, वहां नई रणनीति के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं की टीम जुटाई गई थी और पोलिंग एजेंट मोबाइल पर पल-पल की अपडेट दे रहे थे। भाजपा के प्रदेश मंत्री एवं बूथ प्रबंधन प्रभारी रजनीश अग्रवाल ने दावा किया कि भाजपा के बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं की मेहनत जोरदार सफलता का कारण बनेगी। वहीं, कांग्रेस की ओर से भी भाजपा की तरह ही रणनीति बनाई गई थी।

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