ब्रेकिंग
नेपाल के भोटे कोसी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़: भारत ने तेज किया व्यापक राहत और बचाव अभियान युवाओं को साधने के लिए BJP का मेगा प्लान: 45 युवा नेताओं संग नितिन नबीन की बैठक, हर्ष सांघवी और ओपी ... गोपालगंज के सवनही जगदीश में सेप्टिक टैंक बना काल; 4 मजदूरों की मौत, परिजनों को ₹4-4 लाख मुआवजे का ऐल... 'मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान संविधान का अपमान'; जितेंद्र आव्हाड का बड़ा बयान, शुद्धिकरण करने वालों पर... सतना और चित्रकूट में बाढ़ का भयानक मंजर: मंदाकिनी नदी 30 फीट उफान पर, रामघाट का पुल बहा सरगुजा-जशपुर की खराब सड़कों पर एक्शन में सरकार; डिप्टी सीएम ने दिए मरम्मत के निर्देश, इन प्रमुख मार्... धमतरी में दोस्त की हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद: हेलमेट से सिर पर वार कर उतारा था मौत के घाट बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: पेगड़ापल्ली जंगल से भारी नक्सल डंप और विस्फोटक बरामद सुकमा: पोलमपल्ली पोटाकेबिन में 47 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत; दूषित भोजन-पानी की आशंका, अस्पताल में मच... बुंदेली, मालवी और निमाड़ी क्रिएटर्स के जरिए युवाओं तक पहुंचेगी सरकार की योजनाएं; MP बीजेपी का 2028 क...
मध्यप्रदेश

उज्जैन जिले में फिर से होगी पांचवीं और आठवीं में फेल हुए विद्यार्थियों की परीक्षा

ज्जैन। उज्जैन जिले के विभिन्न स्कूलों में दर्ज कक्षा पांचवीं, आठवीं कक्षा में फेल हुए विद्यार्थियों की दोबारा परीक्षा होगी। परीक्षा की तारीख राज्य शिक्षा केंद्र ने 3 जून से 8 जून तक निर्धारित की है। इसी तारीख में अन्य जिलों में भी परीक्षा होगी।

परीक्षा केंद्र तक परीक्षार्थियों को पहुंचाने का दायित्व संबंधित शाला प्रमुख और शिक्षकों का होगा। परीक्षार्थियों के प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर प्रदान कराएं। मालूम हो कि पिछले माह 23 अप्रैल को ही पांचवीं, आठवीं का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ था।

उज्जैन जिले का पांचवीं का परिणाम 79.7 और आठवीं का 78.80 प्रतिशत रहा था। पांचवीं की परीक्षा में शामिल 30470 विद्यार्थियों में से 24284 विद्यार्थी उत्तीर्ण और 6186 अनुत्तीर्ण हुए थे। 3891 विद्यार्थियों ने ए-प्लस ग्रेड पाई।

आठवीं की परीक्षा में शामिल 28701 विद्यार्थियों में से 22617 विद्यार्थी उत्तीर्ण, 6084 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण हुए थे। 4715 विद्यार्थियों ने ए-प्लस ग्रेड पाई। यानी कुल मिलाकर पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष उज्जैन का परिणाम सुधरा था।

हालांकि ये सुधार पड़ोसी जिलों की तुलना में कमतर रहा था। प्रदेश के 10 संभागों में सागर के बाद उज्जैन संभाग ही ऐसा था जिसका परिणाम सबसे कम रहा है।

Related Articles

Back to top button