ब्रेकिंग
Ladakh Pashmina at Fashion Week: चांगथांग समुदाय की मेहनत और पश्मीना की अनूठी कला, दिल्ली के 'द ताज'... Ladakh New District Sankoo: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को मिला एक और नया जिला, सांकू बना आठवां जिला Mahua Moitra Circuit House Case: सुप्रीम कोर्ट ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा को दी राहत, सर्किट हाउस में... CAQM Strict Guidelines Delhi NCR: दिल्ली-NCR की प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरियों पर शिकंजा, 30 नवंबर त... Amit Kashyap Murder Case: मेरठ के चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी और उसके प्रेमी को फांसी की स... Muzaffarnagar Priest Murder Case: बेटा होने की भविष्यवाणी गलत साबित होने पर 81 वर्षीय पुजारी की गोली... Mumbai Goregaon News: मुंबई के गोरेगांव में 18 महीने की मासूम की छठी मंजिल से गिरकर मौत, 10 साल की प... बिहार की राजनीति में हलचल, विधायक अनंत सिंह बोले- जब नीतीश कुछ नहीं थे, तब हमने पार्टी के लिए कुर्बा... Lucknow Shiva Sharma Murder Case: लखनऊ के चर्चित शिवा मर्डर केस में बड़ा खुलासा, नेपाल से वीडियो जार... Naturopathy Treatment: प्राकृतिक चिकित्सा से रोगों का निदान, बिना दवा के स्वस्थ रहने की कला
देश

शाहीन बागः वार्ताकार बोले- मीडिया के सामने नहीं होगी बात, प्रदर्शनकारियों ने भी रखीं शर्तें

नई दिल्लीः दिल्ली के शाहीन बाग में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों से बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वार्ताकार बात करने पहुंचे। वार्ताकार वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना राम चंद्रन जैसे ही प्रदर्शन मंच पर पहुंचे तो लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। मंच पर पहुंचते ही संजय हेगड़ ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़ा और कहा प्रोटेस्ट की इजाजत सबको है लेकिन किसी को रास्ता रोकने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे पास वक्त है, हम आपको सुनने आए हैं। वहीं साधना राम चंद्रन ने कहा कि आंदोलन करना आपका अधिकार है लेकिन यह ध्यान रखें कि दूसरों का हक भी बरकरार रहे।

उन्होंने कहा कि आंदोलन से किसी परेशानी नहीं होनी चाहिए। संजय हेगड़े ने कहा कि बातचीत से ही किसी बात का हल निकाला जा सकता है। वहीं उन्होंने कहा कि मीडिया के बिना ही इस मामले पर हम बातचीत करेंगे। साधना राम चंद्रन कहा कि दोनों पक्षों के बीच क्या बात हुई हम खुद इसकी जानकारी मीडिया को देंगे फिलहाल मीडिया बाहर जाए। वहीं बातचीत से पहले प्रदर्शनकारियों ने अपनी कुछ शर्तें वार्ताकारों के सामने रखीं।

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ 67 दिन से धरना जारी है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई जारी है और कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया गया है लेकिन कोर्ट कई बार प्रदर्शनकारियों से कह चुका है कि हर किसी का अधिकार है कि वो आंदोलन करे लेकिन इससे दूसरों को परेशानी नहीं होनी चाहिए इसका भी ध्यान रखना जरूरी है। प्रदर्शनकारी CAA वापिस लेने मांग पर अड़े हुए हैं जबकि केंद्र साफ कह चुकी है कि यह फैसला अब वापिस नहीं होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button