ब्रेकिंग
International Yoga Day 2026 Kolkata: हुगली नदी में 500+ बोट्स पर एक साथ योग; पीएम मोदी करेंगे कोलकात... Abhishek Banerjee vs NCPI: टीएमसी सांसदों के विलय को अभिषेक बनर्जी ने दी लोकसभा स्पीकर के सामने चुनौ... Shiv Sena Foundation Day: शिवसेना की 60वीं वर्षगांठ; दो गुटों में बंटी पार्टी, उद्धव और शिंदे का अलग... Chronic Kidney Disease and Diabetes: डायबिटीज और हाई बीपी कैसे बढ़ाते हैं किडनी फेलियर का खतरा? जानें... Rahul Gandhi Politics Analysis: राहुल गांधी का मिशन 2029; मोदी के करिश्मे और गठबंधन की राजनीति के बी... Uttarakhand Corruption News: भ्रष्टाचार के खिलाफ CM धामी की बड़ी कार्रवाई; हरिद्वार के पूर्व अधिकारिय... Deoria Medical Negligence: मेडिकल कॉलेज की बड़ी लापरवाही; टूटे दाहिने हाथ की जगह बाएं हाथ में चढ़ाया प... Varanasi Elevated Corridor: वाराणसी में 25 हजार करोड़ से बनेगा वरुणा और गंगा एलिवेटेड रोड; जाम से मि... Andhra Pradesh Crime News: पारिवारिक विवाद में पिता का खौफनाक कदम; तीन बेटियों की हत्या के बाद खुद द... Telangana Hospital Negligence: महिला की अस्थियों में मिली कैंची; सरकारी अस्पताल की लापरवाही से मां-ब...
देश

शाहीन बागः वार्ताकार बोले- मीडिया के सामने नहीं होगी बात, प्रदर्शनकारियों ने भी रखीं शर्तें

नई दिल्लीः दिल्ली के शाहीन बाग में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों से बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वार्ताकार बात करने पहुंचे। वार्ताकार वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े और साधना राम चंद्रन जैसे ही प्रदर्शन मंच पर पहुंचे तो लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। मंच पर पहुंचते ही संजय हेगड़ ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़ा और कहा प्रोटेस्ट की इजाजत सबको है लेकिन किसी को रास्ता रोकने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे पास वक्त है, हम आपको सुनने आए हैं। वहीं साधना राम चंद्रन ने कहा कि आंदोलन करना आपका अधिकार है लेकिन यह ध्यान रखें कि दूसरों का हक भी बरकरार रहे।

उन्होंने कहा कि आंदोलन से किसी परेशानी नहीं होनी चाहिए। संजय हेगड़े ने कहा कि बातचीत से ही किसी बात का हल निकाला जा सकता है। वहीं उन्होंने कहा कि मीडिया के बिना ही इस मामले पर हम बातचीत करेंगे। साधना राम चंद्रन कहा कि दोनों पक्षों के बीच क्या बात हुई हम खुद इसकी जानकारी मीडिया को देंगे फिलहाल मीडिया बाहर जाए। वहीं बातचीत से पहले प्रदर्शनकारियों ने अपनी कुछ शर्तें वार्ताकारों के सामने रखीं।

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ 67 दिन से धरना जारी है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई जारी है और कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया गया है लेकिन कोर्ट कई बार प्रदर्शनकारियों से कह चुका है कि हर किसी का अधिकार है कि वो आंदोलन करे लेकिन इससे दूसरों को परेशानी नहीं होनी चाहिए इसका भी ध्यान रखना जरूरी है। प्रदर्शनकारी CAA वापिस लेने मांग पर अड़े हुए हैं जबकि केंद्र साफ कह चुकी है कि यह फैसला अब वापिस नहीं होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button