ब्रेकिंग
HCL मलाजखंड और आईआईटी कानपुर की SATHEE पहल ने मलाजखंड में आयोजित किया करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता स... गाजियाबाद में निषाद पार्टी का कार्यक्रम, काफी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल कवर्धा में फर्जी डिजिटल पेमेंट का भंडाफोड़: फर्जी रिसीविंग दिखाकर नकद राशि ऐंठने वाले गिरोह पर एक्शन Bhilai News: भिलाई सेक्टर-2 में गटर की सफाई के दौरान मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी; जांच में जुट... Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का... रतलाम में मॉडिफाइड साइलेंसरों पर गरजा पुलिस का बुलडोजर: 108 साइलेंसर कुचले, ₹1 लाख का जुर्माना वसूला Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- 'क...
बिहार

सेफ्टी टैंक बना रहे थे 5 मजदूर, जहरीली गैस की चपेट में आए… एक की मौत

बिहार के पूर्णिया जिले के मुफस्सिल थाना के दीवानगंज में घर में मजदूर सेफ्टिक टैंक बना रहे थे. सेफ्टिक टैंक बनाने के दौरान 5 मजदूर जहरीली गैस के संपर्क में आ गए, जिसमें एक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई वहीं 4 बेहोश हो गए है, जिन्हें गंभीर अवस्था में पूर्णियां मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए ले जाया गया है. घटना के बाद पूरे गांव के सभी लोग डरे हुए हैं.

राजा महलदार नाम का मजदूर पहले सेफ्टिक टैंक में घुसा, जो बेहोश हो गया, उसे निकालने के लिए एक-एक करके 4 और मजदूर उसी टैंक में घुस गए. सेफ्टी टैंक में घुसने वाले सभी मजदूर बेहोश हो गए. वहीं इसकी सूचना मिलने पर मौके पर गांव के और लोग भी पहुंच गए. सभी मजदूरों को गांववालों की मदद से बाहर निकाला गया. इसमें से एक राजा महलदार नाम के मजदूर की मौत हो गई.

डॉक्टरों ने क्या बताई वजह?

सेफ्टी टैंक बनाने के लिए 5 मजदूर एक घर में गए हुए थे. उन्हें नहीं पता था कि नीचे जहरीली गैस का रिसाव हो रहा है. पहले एक मजदूर गड्ढे में कूदा, वो जहरीली गैस के संपर्क में आने से वहीं बेहोश हो गया. उसे बेहोश होता देख और मजदूर भी समझ नहीं पाए. उन्हें लगा कि मजदूर किसी दूसरे कारण से बेहोश हुआ होगा. उसे बचाने के लिए चार और मजदूर गड्ढे में चले गए और सभी उसी जहरीली गैस की चपेट में आ गए. इनमें से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई.

वहीं इलाज कर रहे डॉक्टरों की टीम ने बताया कि सेफ्टिक टैंक बंद था जिसमें टॉक्सी गैस का रिसाव हो जाता है और ऑक्सीजन खत्म हो जाता है, जिस वजह से दम घुटकर मौत हुई है. वहीं मौके पर पहुंचकर सदर भाजपा विधायक विजय खेमका ने घायलों का हालचाल जाना और संबंधित विभाग से आपदा की राशि मुआवजे के तौर पर दिलाने का भरोसा दिलाया है.

4 महीने से बनाया जा रहा था

सेफ्टिक टैंक करीब 4 महीने से निर्माणाधीन पड़ा हुआ था. जिसे फिर से बनवाने के लिए मजदूर राजा महलदार को बुलाया गया. मजदूर राजा ढक्कन खोलकर नीचे उतरा मगर थोड़ी देर पर ही वह बेहोश हो गया. वही बेहोश होकर गिरता देख भरत मंडल अंदर घुसा जो गैस की वजह से बेहोश हो गया. वहीं अपने भाई को बेहोश होता देख उसके दो भाई भरत मंडल और छोटू मंडल अंदर घुसे और दोनों को निकालने के क्रम में दोनों भी बेहोश हो गए.

वहीं गांववालों ने सीढ़ी और रस्सी के सहारे सभी को बाहर निकाला. सभी घायलों को ऑटो पर लादकर पूर्णियां के मेडिकल कॉलेज लगाया गया. जहां एक को मृत घोषित कर दिया गया. वहीं 4 का इलाज जारी है. मृतक की पहचान राजा महलदार के रूप में हुई है. मृतक का 3 लड़की और 1 लड़का है, जिसके सर से पिता का साया उठ गया.

Related Articles

Back to top button