ब्रेकिंग
Police Action Chhindwara: सीसीटीवी फुटेज की मदद से तीन शातिर लुटेरे गिरफ्तार, 43 हजार रुपये बरामद Malva Nritya Mahotsav 2026: सेमी-क्लासिकल डांस में चमकी सौम्या, मिला प्रतिष्ठित 'मालवा नृत्य महोत्सव... STF Action in Bhopal: बौद्ध धर्म प्रचार के नाम पर फर्जी पासपोर्ट बनवाने का मामला, 70 संदिग्ध चिन्हित Municipal Corporation Sagar: एमआईसी के प्रस्तावों को लंबित रखने का आरोप, आयुक्त के कार्यप्रणाली के ख... Ramleela Chhindwara 2026: छोटी बाजार में सजी भगवान राम की लीला, कोरोना काल में भी नहीं रुका था मंचन ... Congress Protest Bhopal: चुनाव आयोग के बाहर कांग्रेस नेताओं का हंगामा, पूरे प्रदेश में आंदोलन का ऐला... Madhya Pradesh Politics: पटवारी बोले- 'जब प्रदेश के पटवारी ही सरकार की नहीं सुनते, तो सरकार खटारा है... Delhi Building Accident: नई बनी इमारत ढहने से हड़कंप, राहत और बचाव कार्य जारी, घायलों को अस्पताल में... Coal India PME Update: कोलकर्मियों की हर साल होगी स्वास्थ्य जांच? प्रस्तावित नई व्यवस्था के खिलाफ मु... Muslim Personal Law: नाबालिग बेटी की कस्टडी मामले में हाईकोर्ट का निर्देश, बच्चे का कल्याण सबसे सर्व...
मध्यप्रदेश

समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र इंदौर की शीला मेरावी 1 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार

इंदौर : इंदौर लोकायुक्त की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र इंदौर की शीला मेरावी को एक लाख रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दरअसल फरियादी दिलीप बुधानी  MP पब्लिक स्कूल अशोक नगर एवं MIP किड्स स्कूल अंजली नगर इंदौर के संचालक हैं। इनके दोनों ही स्कूल शासन से मान्यता प्राप्त होकर संचालित हैं और मान्यता के साथ इनके द्वारा छात्र /छात्राओं को 5वीं एवमं 8वीं बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित कराया गया था। इसी दौरान आर टी आई एक्टिविस्ट संजय मिश्रा द्वारा जिला परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केंद्र इंदौर शीला मेरावी के कार्यालय से सूचना के अधिकार अंतर्गत उक्त दोनों ही स्कूलों के छात्र/छात्राओं की पांचवीं एवं आठवीं की परीक्षा में सम्मिलित होने के संबंध में जानकारी मांग कर संचालक आवेदक दिलीप बुधानी को ब्लैकमेल किया जा रहा था कि वह उनके दोनों स्कूलों की मान्यता समाप्त करा देगा।

जांच को समाप्त करने एवं आगे भी संजय मिश्रा कोई शिकायत नहीं करेगा ऐसा लिखवाकर देने की एवज़ में आरोपी जिला परियोजना समन्वयक शीला मेरावी द्वारा 10 लाख रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी जिसमें 4 लाख रूपए में सौदा तय हुआ था जिसकी पहली किस्त एक लाख रूपए आज देना तय हुआ था।

फरियादी दिलीप बुधानी ने पूरे मामले की लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी। लोकायुक्त ने मामले की जांच के बाद आज जब एक लाख रूपए की क़िस्त फरियादी ने जिला परियोजना समन्वयक शीला मेरावी को दी तभी लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत की राशि लेते उन्हें ट्रैप किया। लोकायुक्त ने आरोपी शिला मरावी पर भ्रष्टाचार अधिनियम निवारण के तहत मामला दर्ज किया है।

Related Articles

Back to top button