ब्रेकिंग
HCL मलाजखंड और आईआईटी कानपुर की SATHEE पहल ने मलाजखंड में आयोजित किया करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता स... गाजियाबाद में निषाद पार्टी का कार्यक्रम, काफी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल कवर्धा में फर्जी डिजिटल पेमेंट का भंडाफोड़: फर्जी रिसीविंग दिखाकर नकद राशि ऐंठने वाले गिरोह पर एक्शन Bhilai News: भिलाई सेक्टर-2 में गटर की सफाई के दौरान मिला नवजात का शव, इलाके में सनसनी; जांच में जुट... Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का... रतलाम में मॉडिफाइड साइलेंसरों पर गरजा पुलिस का बुलडोजर: 108 साइलेंसर कुचले, ₹1 लाख का जुर्माना वसूला Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- 'क...
मध्यप्रदेश

गुना: 7 साल पहले गायब हुई थी बेटी… नहीं खोज पाई पुलिस, अब CBI करेगी तलाश

 मध्य प्रदेश में गुना के बहुचर्चित नाबालिग लड़की के अपहरण की जांच अब सीबीआई करेगी. ग्वालियर हाईकोर्ट ने यह आदेश लड़की के पिता की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है. पिछले 7 सालों से यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है. ग्वालियर हाईकोर्ट ने माना है कि पुलिस की जांच में गंभीर खामियां हैं, जिसके चलते एक नाबालिग लड़की का अब तक कोई पता नहीं चल सका है.

ग्वालियर हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि गुना पुलिस दो सप्ताह के भीतर इस केस से जुड़े सभी दस्तावेज, नार्को पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट सीबीआई के सुपुर्द करे. साथ ही सीबीआई जल्द से जल्द इस मामले की जांच कर लड़की का पता लगाए. जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए. अगर पुलिस की ओर से लापरवाही बरतने की बात सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए.

थाना प्रभारी की भूमिका पर गंभीर सवाल

ग्वालियर हाईकोर्ट ने गुना के आरोन थाना प्रभारी रहे अभय प्रताप सिंह की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. क्योंकि लड़की के पिता गजेंद्र सिंह चंदेल के नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट में तत्कालीन थाना प्रभारी अभय प्रताप सिंह की जानकारी में लड़की का होना बताया गया था. इस मामले में अपहरण के आरोपी बने जितेंद्र प्रजापति को मुख्य मास्टर माइंड बताया गया था. पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में किस तरह की जांच की है, यह इसी से पता चलता है कि लड़की के अपहरण के प्रत्यक्ष दर्शियों के बयान अधीनस्थ न्यायालय में पेश नहीं किए गए. जबकि हाईकोर्ट में इन बयानों को अभियोजन की ओर से दिखाया गया था.

साल 2017 में गायब हुई थी लड़की

साल 2017 में जब यह नाबालिग लड़की आरोन इलाके से गायब हुई थी. तब उसकी उम्र 16 साल थी. लड़की अपने अपहरण के बाद कहां चली गई इसे लेकर पुलिस की जांच की प्रगति जीरो रही. कोर्ट ने पुलिस द्वारा बताए गए मुख्य आरोपी जितेंद्र को भी सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. जितेंद्र ने यह तो माना कि उसकी लड़की से मुलाकात थी, लेकिन लड़की कहां है इसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है. यह बात जितेंद्र के नार्को टेस्ट में भी सामने आई थी.

Related Articles

Back to top button