ब्रेकिंग
Sir Garfield Sobers: वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर सर गारफील्ड सोबर्स का निधन, सचिन और विराट ने दी श्र... Black Line on Nails: नाखूनों पर दिखने वाली काली लाइन को न करें इग्नोर, हो सकता है स्किन कैंसर का संक... Abhijeet Dipke Ink Attack: जंतर-मंतर पर भारी हंगामा, कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके पर महिला ने फेंकी स... Heart Attack After Stent: क्या स्टेंट लगने के बाद भी आ सकता है हार्ट अटैक? जानें क्या कहते हैं एक्सप... Nail Polish Buying Tips: नेल पॉलिश खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान, जानें कौन से केमिकल होते हैं ख... Upcoming IPOs: शेयर बाजार में कमाई का शानदार मौका, अगले हफ्ते खुलेंगे 5 नए IPO, चेक करें डिटेल्स Gold Rate Forecast: 6 हफ्ते बाद सस्ता हुआ सोना, जानें अब खरीदारी का सही समय है या नहीं ICICI Bank Q1 Results: आईसीआईसीआई बैंक का शानदार प्रदर्शन, शुद्ध लाभ करीब 14% बढ़कर 15,440 करोड़ रुप... Egg Price Hike: 9 रुपये तक पहुंचा एक अंडे का भाव, मक्का और सोयाबीन के महंगे होने से बढ़ी कीमतें JK Cement Q1 Results: जेके सीमेंट का शुद्ध लाभ 15.3% घटा, लेकिन परिचालन आय में हुआ शानदार इजाफा
व्यापार

क्यों न मचे शेयर बाजार में कोहराम, 7 दिन में विदेशी निवेशकों ने निकाल लिए 17 हजार करोड़

घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली हावी है, इस हफ्ते बाजार की चाल सुस्त रही है. मार्केट कभी चढ़ रहा है, तो कुछ ही देर में धड़ाम हो जा रहा है. आज भी मार्केट मार्केट लाल निशान में खुले और कुछ देर बाद मार्केट फिर से हरा हुआ. लेकिन खबर लिखने तक सेंसेंक्स 0.30 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है.

इस हफ्ते की शुरुआत में ही एचएमपीवी वायरस के केस आने से भारतीय बाजार में हलचल देखने को मिली थी. कंपनियों के नतीजों को देखते हुए और अगले महीने आने वाले बजट से पहले विदेशी निवेशकों ने एक बार फिर से काफी संख्या में अपने शेयर बेच दिए हैं. विदेशी निवेशकों ने साल 2025 के पहले 7 कारोबारी दिनों में 17 हजार करोड़ रुपये मार्केट से निकाल लिए, जिसका सीधा असर मार्केट पर दिख रहा है. आइए जानते हैं कि वह कौन से 3 कारण हैं, जिनकी वजह से विदेशी निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार से उठ रहा है.

1) आय में कमी

भारतीय शेयर मार्केट में पिछली 2 तिमाहियों से आय में गिरावट देखने को मिल रही है.इस वजह से विदेशी निवेशक बाजार में ठहर नहीं रहे हैं. हालांकि,ब्रोकरेज की रिपोर्ट्स की माने तो इस फाइनेंशियल ईयर 25 में आय में बढ़ोतरी सिंगल अंकों में हो सकती है.

2) फंडामेंटल कमजोर

भारत की जीडीपी का वित्त वर्ष 25 में अनुमान पिछली जीडीपी से कम जताया गया है.जीडीपी वृद्धि वित्त वर्ष 24 के 8.2% से धीमी होकर 6.4% सालाना रहने का अनुमान है, जो वित्त मंत्रालय के 6.5% के पूर्वानुमान और आरबीआई के 6.6% के अनुमान से कम है. ये कारण भी विदेशी निवेशकों को प्रभावित कर रहे हैं.

3) बॉन्ड यील्ड

बेंचमार्क 10-वर्षीय यूएस ट्रेजरी यील्ड 4.73 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई है. ऐसे में जानकारों का मानना है कि फेड जनवरी में दरों में कटौती को बनाए रखेगा, जिसले डॉलर को मजबूती मिलेगी और जब डॉलर मजबूत होगा, तो बॉन्ड यील्ड बढ़ेगी.

Related Articles

Back to top button