ब्रेकिंग
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, जंतर-मंतर पर ढोल-नगाड़ों संग जश्न; सीजेपी ने बताया 'लोकतं... अड़ियल रवैया पड़ा भारी! पेपर लीक बवाल के 36 दिन बाद क्यों हुआ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा? समझें 5 ब... 'झुकती है दुनिया...': धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर Gen-Z का जश्न, अभिजीत दीपके ने... Jantar Mantar NEET Protest: जंतर-मंतर पर भयंकर बवाल! 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल, 15 FIR दर्ज; 3... Bihar Bandh Patna Clash: पटना के डाकबंगला चौराहे पर पुलिस और छात्रों में झड़प; पथराव व लाठीचार्ज के ... NEET Paper Leak Movement: देशव्यापी हुआ नीट विरोध आंदोलन! दिल्ली, बिहार और उत्तराखंड में पुलिस-छात्र... Education Minister Resignation Update: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र... Ranchi AISA Protest: दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर AISA... Jharkhand Teacher ACP MACP News: झारखंड के प्रारंभिक शिक्षकों को नहीं मिलेगा ACP और MACP का लाभ, हेम... Jharkhand Teacher Association Protest: ACP-MACP न मिलने पर भड़के झारखंड के प्राथमिक शिक्षक, सुप्रीम ...
विदेश

अमेरिकी रक्षा मंत्री पद के उम्मीदवार पीट हेगसेथ पर आरोपों की बौछार, क्या हैं प्रमुख विवाद और अमेरिका की चुनौतियां?

अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रक्षा मंत्री पद के लिए नामित पीट हेगसेथ को अपनी नियुक्ति के लिए अमेरिकी सीनेट में कड़े सवालों का सामना करना पड़ रहा है. सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति ने पीट हैगसेठ से उनके अवैध संबंधों, शराब की लत, महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर काफी तीखे सवाल किए .

बता दें कि पीट हेगसेथ अमेरिकी सेना के पूर्व अफसर और टीवी पत्रकार हैं. पीट की गिनती डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर समर्थकों में होती है. हालांकि, उनके पास पेंटागन का कोई अनुभव नहीं है, फिर भी उन्हें ट्रंप प्रशासन में रक्षा मंत्री बनाया जा रहा है. जहां उनकी कमांड में दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना कहे जाने वाली तीस लाख से ज्यादा की फौज होगी और लगभग सालाना 900 अरब डॉलर का बजट होगा .

सीनेट की मुहर क्यों जरूरी है?

अमेरिका में रक्षा मंत्री बनने के लिए उम्मीदवार को सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति और फिर पूरी सीनेट से मंजूरी लेनी होती है. रिपब्लिकन के बहुमत की वजह से उनकी नियुक्ति पर मुहर लगाने में कोई दिक्कत नहीं दिखाई दे रही है, लेकिन कुछ रिपब्लिकन सीनेटरों ने भी उनके ऊपर लगे आरोपों को लेकर चिंता जताई है.

पीट हेगसेथ पर ये हैं मुख्य आरोप-

  • यौन उत्पीड़न का आरोप

2017 में एक महिला ने पीट पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. कहा जा रहा है कि दोनों का एक बच्चा भी है. पीट ने बच्चा होने की बात को माना है, लेकिन इसे ‘सहमति से बनाया गया संबंध’ बताया और दलील दी है कि यह उनके नियुक्ति को रोकने के लिए ‘संगठित अभियान’ का हिस्सा है. डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि अगर यह सहमति से बनाया संबंध है तब भी ग़लत है क्योंकि उस वक़्त वो शादीशुदा थे .

  • महिलाओं की भूमिका पर टिप्पणी

पीट ने पहले महिलाओं के युद्ध में शामिल होने का विरोध किया. बाद में सीनेट में सुनवाई के दौरान, उन्होंने इस बारे में अपने विचार बदलने की बात कही. उन्होंने कहा कि वह महिलाओं की सेना में भूमिका का सम्मान करते हैं.

  • शराब और अन्य आरोप

पीट पर शराब के अत्यधिक सेवन और कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार के भी आरोप लगे हैं. आरोप लगा कि वो ड्यूटी के दौरान भी शराब पीते हैं और कई बार उनके सहकर्मियों को उन्हें उठाकर ले जाना पड़ता है. पीट ने इन आरोपों के जवाब में कहा कि यदि वह रक्षा मंत्री बनते हैं, तो वह शराब को पूरी तरह छोड़ देंगे.

  • प्रक्रिया पर विवाद

डेमोक्रेट्स ने सुनवाई की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए है, उनका आरोप है कि उन्हें पीट की एफबीआई पृष्ठभूमि जांच की पूरी जानकारी नहीं दी गई और पीट ने कई डेमोक्रेट सीनेटरों से मुलाकात करने से इनकार कर दिया.

रक्षा नीति और प्राथमिकताएं

पीट ने सुनवाई में कहा कि उनका मुख्य ध्यान रूस और चीन की बढ़ती आक्रामकता का मुकाबला करने, साइबर सुरक्षा को मजबूत करने, और आधुनिक सैन्य क्षमताओं को विकसित करने पर होगा. उन्होंने यह भी कहा कि सेना को राजनीति से दूर रखना भी उनकी प्राथमिकता होगी.

आगे क्या होगा?

पीट की नियुक्ति के लिए सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति और फिर पूरी सीनेट में वोटिंग होनी है. रिपब्लिकन पार्टी के पास सीनेट में बहुमत है, लेकिन आयोवा की रिपब्लिकन सीनेटर जॉनी अर्न्स्ट का समर्थन निर्णायक होगा. अर्न्स्ट, जो एक यौन उत्पीड़न पीड़िता हैं, ने अब तक अपना रुख साफ नहीं किया है.

अमेरिका की सुरक्षा चुनौतियां

रूस और चीन

दोनों देशों की सैन्य और आर्थिक आक्रामकता अमेरिका के लिए सबसे बड़ी चुनौती है.

साइबर सुरक्षा

साइबर हमलों के बढ़ते खतरे से निपटना अमेरिका की प्राथमिकता होगी.

वैश्विक सैन्य उपस्थिति

अमेरिका को मध्य पूर्व, हिन्द-प्रशांत क्षेत्र और यूरोप में अपनी सैन्य उपस्थिति को संतुलित करना होगा. सीनेट के सुनवाई में यह कहा गया है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका के सामने अब तक का सबसे बड़ा संकट है.

Related Articles

Back to top button