ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...
दिल्ली/NCR

दिल्ली: मुफ्त योजनाओं की बाढ़, अब ₹5 में भरपेट भोजन… जानें और कहां हुए ऐसे वादे?

साल 2013 की बात है, केंद्र में यूपीए की सरकार थी. तब राज बब्बर ने कहा था- मुंबई में 12 रुपये में भरपेट खाना खाया जा सकता है. उस वक्त उनकी कड़ी आलोचना हुई थी. लेकिन तब से एक दशक के भीतर कई राज्यों में गरीबों के लिए सस्ते भोजन की स्कीम के कई वादे किये जा चुके हैं. दिल्ली में पिछले तीन बार से आम आदमी पार्टी की सरकार में मुफ्त की योजनाएं सबसे बड़ा आकर्षण हैं. चुनावी होड़ में आज आप सरकार की मुफ्त बिजली, पानी की योजनाओं की काट खोजी जा रही है. इस होड़ में ना तो कांग्रेस और ना ही बीजेपी पीछे रहना चाहती है. विपक्षी दल अपने-अपने वादे में जनता को मुफ्त योजनाओं के वादे से खूब लुभाने की कोशिश कर रहे हैं. इसी क्रम में शुक्रवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संकल्प पत्र में कई लोक लुभावनी योजनाओं की घोषणा की. उसमें सबसे अनोखी एक योजना है- मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन की थाली. पहले भी कई राज्य सरकारें इस तरह की स्कीम लागू कर चुकी हैं- इनमें कुछ बंद हो गईं तो कुछ जगहों पर जारी हैं.

दिल्ली में साल 2015 में ही आप सरकार की ओर से आम आदमी कैंटीन शुरू की गई थी, जहां 10 रू में भरपेट भोजन की थाली दी गई. अब बीजेपी के संकल्प पत्र के वादे के मुताबिक दिल्ली में उसकी सरकार बनने पर राजधानी के जेजे क्लस्टरों में अटल कैंटीन्स स्थापित किये जाएंगे, जहां गरीब वर्ग के लोगों को महज ₹5 में भरपेट पौष्टिक भोजन की सुविधा मिलेगी. दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों के लिए यह सबसे लुभावनी योजना है. बीजेपी ने इसी के साथ हर गरीब परिवार की महिला को ₹500 में गैस सिलेंडर के अलावा होली और दीपावली पर एक-एक सिलेंडर मुफ्त देने का भी वादा किया है. जेपी नड्डा ने ये भी वादा किया है कि सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में आयुष्मान भारत योजना भी लागू कर दी जाएगी.

किस-किस राज्य में मिलता है सस्ता भोजन?

गौरतलब है कि देश में पहली बार भरपेट सस्ते भोजन का वादा नहीं किया गया है. कई राज्यों में इसे अपनाया भी जा चुका है या लागू करने का वादा किया गया है. देश में सबसे पहले तमिलनाडु में दिवंगत पूर्व सीएम जयललिता ने साल 2013 में अम्मा कैंटीन चालू की थी, जहां 5 रुपये में गरीबों को भरपेट भोजन दिया जाता है. इसी तरह कर्नाटक में इंदिरा कैंटीन में 13 रुपये की थाली, महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के कार्यकाल में 10 रु. की शिव भोजन थाली, यूपी में योगी आदित्यनाथ ने अपने पहले ही कार्यकाल में अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करने की बात कही, जहां सबसे सस्ता महज 3 रुपये में थाली देने का वादा किया.

इसी तरह पंजाब में कांग्रेस सरकार के दौरान गरीबों के भोजन के लिए साडी रसोई योजना शुरू की गई थी तो राजस्थान में वसुंधरा राजे सरकार में अन्नपूर्णा रसोई, जो कि बाद में अशोक गहलोत के कार्यकाल में बंद हो गई. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में साल 2004 में अन्नपूर्णा दाल भात केंद्र चला, जहां 10, 15 और 20 रुपये में तीन तरह की थाली दी गई. आंध्र प्रदेश में सीएम चंद्रबाबू नायडू ने अन्ना कैंटीन शुरू की, जहां 5 रुपये में भरपेट भोजन दिया जाता है.

दिल्ली के जेजे क्लस्टर में कितने लोग रहते हैं?

दिल्ली में 2022 के एक आंकड़े के मुताबिक 675 स्लम एरिया हैं, जहां 1 लाख 55 हजार लोग रहते हैं. भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में कहा है कि सभी जेजे क्लस्टर की गरीब जनता को सरकार बनने पर 5 रुपये में भरपेट भोजन दिया जाएगा. बीजेपी का दावा है कि डबल इंजन सरकार से दिल्ली की आम गरीब जनता को लाभ होगा. मोदी सरकार गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को हर महीने 5 किलो मुफ्त अनाज देती है, ऐसे में कामकाजी गरीबों को पांच रुपये में सस्ता भोजन उन्हें और भी राहत प्रदान करेगा.

Related Articles

Back to top button