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Corona से बीमार हुआ पर्यटन उद्योग, चार धाम की यात्रा पर भी दिख रहा असर

नई दिल्ली: दिल्ली के कश्मीरी गेट और लाल किला इलाके में जहां ट्रैवल एजेंट एडवांस बुकिंग कराने वालों के पसंद के अनुसार उनके लिए बस, ट्रेन और होटल की बुकिंग कराने के लिए परेशाना होते थे वहीं अब हालात अलग है। पहले की तरह एजेंटों के फोन की घंटियां तो बज रही है, लेकिन एडवांस बुकिंग करने के लिए नहीं बल्कि टिकटों को कैंसल करवाने के लिए। दरअसल कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर केंद्र के साथ ही राज्य सरकारों की ओर से जारी किए गए एडवाइजरी के बाद से कैंसिलेशन करीब 30 से 40 फीसदी तक पहुंच गई है, जिस कारण पर्यटन उद्योग को काफ नुकसान हो रहा है।

कश्मीरी गेट इलाके में ट्यूअर एंड ट्रैवल एजेंसी के संचालक राजेश्वर ने बताया कि गत वर्षों में की संक्रामक बीमारियों के कारण हाई अलर्ट जारी किए गए थे। इसमें स्वाइन फ्लू जैसे संक्रमण भी थे, पर इससे पर्यटन उद्योग इतनी बुरी तरह से प्रभावित नहीं हुई थी। हमारे कुछ नियमित ग्राहक हैं, जोकि हर वर्ष देश और विदेश के टूर पैकेज बुक करवाते हैं। पर इस साल वे नियमित ट्रैवल करने 20 प्रतिशत लोगों ने अपने टूर या तो कैंसिल कर दिए गए हैं या फिर आगे के लिए टाल दिए गए हैं। संभावना है कि आने वाले महीनों में यह प्रतिशत 50 से अधिक फ़ीसद कॉरपोरेट यात्राओं पर पड़ेगा। इनमें से अधिकतर या तो अपनी यात्राएं रद्द कर देंगे या अभी स्थगित कर देंगे। 

डेस्टिनेशन वेडिंग की स्थिति खराब
भारत पिछले कुछ सालों में डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए काफी प्रचलित हुआ है। देश के राजस्थान, हिमाचल, उत्तराखंड और केरल जैसे कुछ राज्यों में यह एक उद्योग का रूप ले चुका है। जहां न सिर्फ देश विदेश में रहने वाले भारतीय अपनी शानो सौकत पूर्ण शादी के आयोजन के लिए आते हैं। इसके लिए काफी पहले ही वेडिंग डेस्टिनेशन बुक हो जाते हैं। इस उद्योग से कई अन्य उद्योग जैसे होटल, वेडिंग फ्लानर, कैटरिन, ट्रैवल एजेंसी जुड़े होते हैं। कोरोना के वैश्विक स्तर पर फैलने के बाद करीब 90 फीसदी एडवांस बुकिंग कैंसिल हो चुके हैं। क्योंकि ऐसे शादियों में ज्यादातर मेहमान विदेशों से आकर शामिल होते हैं। वर्तमान परिस्थिति में कई देशों के लोगों का का वीजा तक रद्द कर दिया गया है।

चार धाम की यात्रा पर भी संक्रमण का असर
आगामी 30 अप्रैल तक चारदामों के कपाट खुल जाएंंगे। इसे लेकर 26 अप्रैल से चार धाम की यात्रा आरंभ होनी थी। जहां हर वर्ष जनवरी माह से ही इस यात्रा के लिए बुकिंग शुरू हो जाती थी और मार्च के पहले सप्ताह तक बुकिंग चरम पर होती है। ऐसे समय में मसंदीदा बसों और उसमें पसंदीदा सीट पाने के लिए पहले जहां एजेंटों के पास विशेष फोन ही नहीं पैरवी तक आते थे। पर आज स्थिति यह है कि अब तक 50 फीसदी सीट भी बुक नहीं हुए हैं। जो बुक हुए भी हैं, वह जनवरी माह में और फरवरी के पहले सप्ताह में हुए थे।

दिल्ली आने वाले पर्यटकों की संख्या में 60 फीसदी की कमी
देश के अन्य पर्यटन स्थलों के साथ ही दिल्ली आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी काफी कमी आई है। दिल्ली के प्राचीन स्थलों का संरक्षण करने वाली सरकारी संस्था भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के डाटा के अनुसार पर्यटकों की संख्या में करीब 50 से 60 फीसदी की कमी आई है। यही नहीं इसमें विदेशी पर्यटक तो लगभग न के बराबर आ रहे हैं। वर्तमान में एएसआई दिल्ली के कुल 174 पर्यटन स्थलों का संरक्षण करती है। इसमें से 10 स्थानों पर प्रवेश के लिए टिकट लिया जाता है। इसमें लाल किला और कुतुब मिनार सबसे प्रमुख स्थान हैं, जहां सामान्य दिनों में भी पर्यटकों की भीड़ होती है। पर आज स्थिति यह है कि गिनती के लोग पहुंच रहे हैं।

पर्यटकों की राह ताक रहे गाइड और होटल व्यवसायी
पहाड़ो में ट्रैकिंग और माउंटनियरिंग के शौकीन लोगों के लिए भारत में उत्तरकाशी के पहाड़ सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं। इसका पीक सीजन मार्च अंतिम सप्ताह से अप्रैल मध्य तक होता है। यहां देश विदेश से हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इसके लिए भी पहले से ही बुकिंग होती है। इसमें पर्यटक गंगोत्री नेशनल पार्क में गोमुख तपोवन, हरकीदून की सैर करते हैं। इस साल के लिए भी हजारो देश विदेश के सैलानियों ने बुकिंग की थी। पर यहां भी इस संक्रमण का असर दिख रहा है। बुकिंग करने वालों में से ज्यादातर ने अपनी बुकिंग कैंसल करा दी है। चूंकि यहां आने वालों में सबसे अधिक संख्या यूरोपियन, जापानी और चीनी नागरिकों की होती है, जोकि वर्तमान समय में इस संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित हैं। इधर तेजी से फैल रहे संक्रमण के कारण अमरीका व अन्य देशों के नागरिकों ने भी अपनी बुकिंग कैसिल करवानी शुरू कर दी है।

होटल बुकिंग पर मिल रही है 30 से 40 फीसदी की छूट
घटते ग्राहकों की संख्या को देखते हुए होटल अपने यहां बुकिंग पर 30 से 40 फीसदी तक छूट दे रही है। इसके साथ ही अतिरिक्त सुविधाएं भी ग्राहकों को प्रदान की जा रही है। मार्च अप्रैल माह में भरे रहने वाले जयपुर के होटल सितारा होटल जिनके कमरे सामान्य दिनों में 15 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बुक होते थे, अब वही होटल 9 हजार रुपए तक में बुक हो रहे हैं। कई ने तो 50 फीसदी से भी कम कर दी है। रेडिसन जयपुर के कमरे सामान्य दिनों में 11 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से होते थे, वहीं अभी ऑनलाइन बुकिंग एप के माध्यम से मात्र 45 सौ रुपए में बुक हो रहे हैं। क्राउन प्लाजा के कमरे 39 सौ में, द ललित 58 सौ में बुक हो रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें ग्राहक नहीं मिल रहे।a

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