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दिल्ली/NCR

दिल्ली-बेंगलुरु समेत भारत के इन शहरों में ओजोन प्रदूषण जानलेवा! CSI की रिपोर्ट में खुलासा

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSI) की नई रिपोर्ट ने दिल्ली, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे भारत के बड़े शहरों के लिए चिंता बढ़ा दी है. CSI की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली समेत भारत के कई बड़े शहरों में ओजोन प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया है. इन शहरों में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद भी शामिल है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि ओजोन प्रदूषण अब केवल गर्मियों की समस्या नहीं है, बल्कि सर्दियों में भी ओजोन स्तर मानकों से ऊपर है. इसका सीधा असर शहरों के वायु की गुणवत्ता पर पड़ा है, जिससे हवा में धूल और धुएं का घना गुबार बना रहता है. इस गर्मी के दौरान देश के कई शहरों में ओजोन प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया. साथ ही कई दिनों तक इसका स्तर सामान्य से ज्यादा रहा.

सीमा लांघता प्रदूषण

बेंगलुरु में इस साल गर्मी के दौरान ओजान प्रदूषण 45 दिन मानक स्तर से ज्यादा रहा और बीते साल से 29 प्रतिशत तक अधिक रहा, जबकि मुंबई में 32 दिन, कोलकाता में 22 दिन और हैदराबाद में 20 दिन तक ओजान प्रदूषण का स्तर अधिक रहा. दिल्ली में ओजोन प्रदूषण हर दिन सीमा लांघ रहा है. यहां औसतन ओजान प्रदूषण 14.2 घंटे प्रतिदिन रहा.

CSI की जारी रिपोर्ट के मुताबिक ओजोन प्रदूषण बेंगलुरु में सबसे ज्यादा है. इसके साथ-साथ अन्य शहरों में भी इसका स्तर तय मानक से काफी ऊपर रहा.

क्या है ओजोन प्रदूषण?

ओजोन गैस सूर्य से निकलने वाली हानिकारक किरणों को रोकती है, लेकिन जमीन पर प्रदूषण का कारण बन जाती है. ओजोन प्रदूषण का मुख्य करण गाड़ियों से निकले वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन और अन्य स्रोतों से निकलने वाली गैस हैं. ये गैस जब सूरज की रोशनी के संपर्क में आती है तो रासायनिक प्रतिक्रिया करती है और जहरीली गैस में बदल जाती है. इससे ओजोन प्रदूषण का लेवल और बढ़ जाता है.

स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि ओजोन प्रदूषण सीधे तौर पर सांस की बीमारी, अस्थमा और फेफड़ों को प्रभावित करता है. ओजोन प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित होता है.

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